अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पटना सिटी इप्टा का वार्षिक सम्मेलन आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना सिटी में इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन &lpar;इप्टा&rpar; का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जन आंदोलनों&comma; वैश्विक चुनौतियों और महिला सशक्तिकरण की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक जागरूकता के प्रति इप्टा की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत इप्टा के ध्वजारोहण और जनगीत &OpenCurlyDoubleQuote;तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर” के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष समी अहमद ने की। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर वरीय शिक्षाविद् विजय कुमार सिंह मुख्य अतिथि तथा कवि एवं समाजसेवी सरदार गुरुचरण सिंह आशिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मेलन में सचिवीय प्रतिवेदन ओमप्रकाश प्रियदर्शी ने प्रस्तुत किया&comma; जिसमें संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। विमर्श सत्र के दौरान कॉमरेड विश्वजीत ने इप्टा के जन आंदोलनों और उससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की&comma; जबकि कॉमरेड देवरतन प्रसाद ने वैश्विक शांति की आवश्यकता पर बल देते हुए युद्ध की राजनीति की आलोचना की। इस अवसर पर आलोक चोपड़ा&comma; संजय रॉय&comma; एडवोकेट शगुफ्ता राशिद&comma; छवि रंजन आज़ाद&comma; अमित अकेला&comma; सुनीता कुमारी&comma; कुमार अंशुमान&comma; कॉमरेड शंभू शरण प्रसाद&comma; विशाल कुमार&comma; पूजा प्रिया और अनिता कुमारी सहित शहर के कई ख्यात सांस्कृतिक कर्मी और समाजसेवी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सम्मेलन के दौरान इप्टा की नई कार्यकारिणी का भी चुनाव किया गया। जिसमें समी अहमद को अध्यक्ष&comma; ओम प्रकाश प्रियदर्शी&comma; दिवेश कुमार मिश्र&comma; प्रभात रंजन ओझा और नीरज कुमार रंजन को उपाध्यक्ष&comma; राजेश केसरी को सचिव&comma; प्रियंका श्रीवास्तव और अंकुर धवन को संयुक्त सचिव तथा मनीष कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अजय कुमार वर्मा&comma; दीपक कुमार&comma; चरणवीर कौर&comma; मनोज सोनी&comma; शाहीन समी&comma; देवेंद्र कुमार और वंदना देवी को जिम्मेदारी सौंपी गई&comma; जबकि डॉ&period; आफताब आलम विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान मशहूर शायर-लेखक गुलज़ार की लघु कथा &OpenCurlyQuote;रावी पार’ का मार्मिक मंचन किया गया&comma; जिसने देश विभाजन की त्रासदी को जीवंत कर दिया। इसके अलावा प्रियंका श्रीवास्तव ने निर्भया केस पर एकल प्रस्तुति के माध्यम से महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया। मुख्य अतिथि विजय कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं की प्रगति ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा&comma; रोजगार और विभिन्न विधायी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व को आवश्यक बताया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में समी अहमद ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इप्टा महिलाओं को सांस्कृतिक व सामाजिक आंदोलनों में नेतृत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं विशिष्ट अतिथि गुरुचरण सिंह आशिक ने कहा कि इप्टा 1943 से ही नाटक&comma; कविता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का समन्वयन नीरज कुमार ने किया।<&sol;p>&NewLine;

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