टीबी मुक्त पंचायत अभियान के पहले चरण में सभी प्रखंड के दो पंचायत होंगे चिह्नित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान की कवायद शुरू हो चुकी है&period; इसे लेकर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य अधिकारियों की विशेष बैठक बुधवार को आयोजित की गयी&period; जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में आयोजित बैठक में अभियान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलूओं पर विस्तृत चर्चा की गयी&period; अभियान के पहले चरण में जिले के सभी प्रखंडों से दो-दो पंचायत चिह्नित किया जाना है&period; जहां प्रति एक हजार आबादी पर पचास लोगों की जांच की जायेगी&period; इसमें दो या दो से कम मरीज मिलने सहित निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करने के बाद संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने को लेकर जरूरी पहल की जायेगी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रथम चरण में सभी प्रखंड के दो पंचायत होंगे चिह्नित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अभियान के संबंध में डब्ल्यूएचओ के कंस्लटेंट डॉ मेजर अवकाश सिन्हा ने बताया कि प्रथम चरण में सभी प्रखंड के चिह्नित दो पंचायत को टीबी मुक्त बनाने को लेकर जरूरी पहल की जायेगी&period; इसे लेकर चिह्नित पंचायत के प्रत्येक गांव में डोर टू डोर सघन रोगी खोज अभियान संचालित किया जायेगा&period; निर्धारित चार दिनों में एक पंचायत का सर्वे पूरा करना है&period; प्रत्येक एक हजार आबादी पर सर्वे के लिये दो सदस्यों की टीम प्रतिनियुक्त किये जायेंगे&period; इसमें आशा व एनटीईपी के एक कर्मी शामिल होंगे&period; सर्वे के क्रम में संभावित मरीजों को चिह्नित किया जायेगा&period; दूसरे दिन जांच के लिये सैंपल प्राप्त करते हुए जांच के लिये इसे नजदीकी डीएमसी में माइक्रोस्कोपिक जांच के लिये भेजा जायेगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अभियान की सफलता में स्वास्थ्य अधिकारी करें सक्रिय सहयोग<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सिविल सर्जन विधानचंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे के लिये वैसे एक पंचायत का चयन किया जाना है&period; जहां मरीजों की संख्या ज्यादा है&period; वहीं दूसरा पंचायत वैसा होगा जहां औसतन मरीजों की संख्या कम होगी&period; पंचायतों के चयन में संबंधित पंचायत को प्राथमिकता दिया जाना है&period; जहां के जनप्रतिनिधि अभियान में सक्रिय सहयोग के लिये तत्पर हों&period; साथ ही एचडब्ल्यूसी में कार्यरत सीएचओ व उनके टीम का कार्य इस दिशा में सराहनीय रहा हो&period; इसके अलावा डीएमसी की सुगमता के आधार पर पंचायतों के चयन को प्राथमिकता देने की बात उन्होंने कही&period; उन्होंने राष्ट्रीय टीबी मुक्त भारत अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को इसमें सक्रिय सहयोग के लिये प्रेरित व प्रोत्साहित किया&period; साथ ही निक्षय मित्रों की संख्या बढ़ाने में अपना समुचित सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>चिह्नित पंचायतों की सूची जल्द उपलब्ध करायें अधिकारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सीडीओ डॉ वाईपी सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों को दो दिनों के अंदर चिह्नित पंचायतों की सूची उपलब्ध कराने को कहा&period; ताकि इस दिशा में सार्थक पहल किया जा सके&period; जिला टीबी समन्वयक दामोदर प्रसाद ने बताया कि टीबी रोग को लेकर समुदाय स्तर पर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने&comma; संभावित रोगियों को जांच व इलाज के लिये प्रेरित करने के लिये लिहाज से टीबी मुक्त पंचायत अभियान को महत्वपूर्ण बताया&period; इसके अलावा डीआईओ डॉ मोईज&comma; डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह&comma; डीपीएम संतोष कुमार ने अभियान की सफलता को लेकर जरूरी सुझाव स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया&period; बैठक में डीएमएनई पंकज कुमार&comma; डीपीएम एड्स अखिलेश कुमार सिंह सहित सभी पीएचसी प्रभारी&comma; बीएचएम&comma; बीसीएम&comma; एसटीएस सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण का अत्याधुनिक कायाकल्प किसानों व्यापारियों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं – राम कृपाल यादव

“Run for Nasha Mukt Bihar” के संदेश के साथ 15 मार्च को पटना मैराथन 2026 का आयोजन

शेखपुरा में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक, उप विकास आयुक्त ने दिए निर्देश