जल–जीवन–हरियाली दिवस पर परिचर्चा : जनभागीदारी को सशक्त करने पर दिया गया विशेष बल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;strong> ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जिला ग्रामीण विकास अभिकरण &lpar;डीआरडीए&rpar;&comma; अररिया के तत्वावधान में जल–जीवन– हरियाली दिवस के अवसर पर डीआरडीए सभागार में परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परिचर्चा का विषय &OpenCurlyDoubleQuote;जल–जीवन–हरियाली अभियान का क्रियान्वयन और प्रभाव” निर्धारित था। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त&comma; अररिया रोजी कुमारी&comma; जिला पंचायत राज पदाधिकारी अररिया&comma; डीआरडीए निदेशक अररिया&comma; जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अररिया एवं अन्य उपस्थित पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर वक्ताओं ने जल संरक्षण&comma; वर्षा जल संचयन&comma; हरित आवरण विस्तार तथा जल–जीवन–हरियाली अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति एवं उसके सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही अभियान को जन-जन तक पहुँचाने एवं जनभागीदारी को और अधिक सशक्त करने पर विशेष बल दिया गया। उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जल–जीवन–हरियाली अभियान भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है&comma; जिसमें सभी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परिचर्चा के दौरान बताया गया कि जल–जीवन–हरियाली अभियान बिहार सरकार द्वारा 02 अक्टूबर 2019 को प्रारंभ किया गया एक व्यापक जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण&comma; भूमिगत जल स्तर में वृद्धि&comma; हरित आवरण &lpar;ग्रीन कवर&rpar; का विस्तार तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटना है। यह अभियान 14 विभागों द्वारा कुल 11 अवयवों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है&comma; जिनमें सार्वजनिक जल संरचनाओं को अतिक्रमण-मुक्त कराना&comma; तालाबों-पोखरों-पईनों का जीर्णोद्धार&comma; कुओं एवं चापाकलों के पास सोख्ता&sol;रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण&comma; चेकडैम एवं जल संचयन संरचनाओं का निर्माण&comma; वर्षा जल संचयन&comma; पौधशाला सृजन एवं सघन वृक्षारोपण&comma; ड्रिप सिंचाई&comma; जैविक खेती&comma; सौर ऊर्जा उपयोग तथा जनजागरूकता अभियान शामिल हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जल जीवन हरियाली अभियान के तहत जिले में किए गए प्रमुख कार्यों में 45 अतिक्रमित सार्वजनिक तालाब&sol;पोखर एवं 76 सार्वजनिक कुओं को अतिक्रमण-मुक्त किया गया है। इसके साथ ही 937 सार्वजनिक जल संरचनाओं &lpar;तालाब&sol;पोखर&sol;पईन&rpar; का जीर्णोद्धार&comma; 276 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार&comma; 3609 सार्वजनिक चापाकलों के पास सोख्ता तथा 276 कुओं के पास सोख्ता&sol;रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण&comma; 2 चेकडैम का निर्माण&comma; 2012 खेत पोखरी एवं मत्स्य पालन हेतु तालाबों का निर्माण&comma; 263 सरकारी भवनों पर छत-वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण&comma; वित्तीय वर्ष में 6 लाख पौधों का रोपण&comma; ड्रिप सिंचाई के अंतर्गत 608 एकड़ एवं फव्वारा सिंचाई के अंतर्गत 117 एकड़ क्षेत्र में खेती&comma; सौर ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देते हुए इस वर्ष 100 भवनों को सौर ऊर्जा से आच्छादित किया गया है।<br &sol;>इस अवसर पर जल–जीवन–हरियाली जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता में प्रथम&comma; द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आँचल कुमारी&comma; द्वितीय स्थान अमृता कुमारी तथा तृतीय स्थान राधिका कुमारी ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में निदेशक एनईपी&comma; सहायक परियोजना पदाधिकारी&comma; सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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