विराट रामायण मंदिर में साल के अंत तक स्थापित होंगे भव्य नंदी, सावन में होगी रुद्राभिषेक की विशेष व्यवस्था

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग वाले विराट रामायण मंदिर परिसर में इस वर्ष के अंत तक भव्य और विशाल नंदी की स्थापना कर दी जाएगी। वहीं आगामी सावन माह में श्रद्धालुओं के लिए रुद्राभिषेक की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। रुद्राभिषेक में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को पूर्व में दिए गए नंबर 8468077297 पर बुकिंग करानी होगी&comma; जिसके अनुसार समय का स्लॉट निर्धारित किया जाएगा। शुक्रवार को श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने विराट रामायण मंदिर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि मंदिर निर्माण को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर का ग्राउंड लेवल तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है&comma; जबकि अरघा का निर्माण भी इसी वर्ष पूरा होने की संभावना है। मंदिर परिसर में स्थापित किए जाने वाले भव्य नंदी निर्माण के लिए अयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाने वाले प्रसिद्ध मूर्तिकार अरूण योगीराज से संपर्क किया गया है। बताया गया कि अरूण योगीराज एक सप्ताह के भीतर विराट रामायण मंदिर का दौरा कर सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंदिर निर्माण कार्य कर रही सनटेक कंपनी की कार्य गति धीमी पाए जाने पर निर्माण एजेंसी को तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अनुबंध के अनुसार 30 महीने के भीतर जी प्लस टू संरचना तैयार करनी थी&comma; लेकिन अप्रैल 2026 तक निर्धारित 46315&period;73 क्यूबिक मीटर निर्माण में से केवल 14135&period;10 क्यूबिक मीटर कार्य ही पूरा हो सका है। जरूरत पड़ने पर दूसरी एजेंसी की मदद भी ली जा सकती है। मंदिर परिसर की बाउंड्री निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। वर्ष 2030 तक विराट रामायण मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह मंदिर 120 एकड़ क्षेत्र में बनाया जा रहा है&comma; जिसमें 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे। यहां एक साथ 20 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। विराट रामायण मंदिर को देश ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा रामायण मंदिर बताया जा रहा है। मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग पहले ही स्थापित किया जा चुका है&comma; जहां प्रतिदिन 4 से 5 हजार श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की पूजा व्यवस्था के लिए सहस्त्र शिवलिंगम &lpar;1008 शिवलिंग&rpar; भी स्थापित किए गए हैं&comma; जहां नियमित रूप से जलाभिषेक और पूजा-पाठ किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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