एम्स पटना में विश्व किडनी दिवस 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम, समय पर जांच और अंगदान पर दिया गया जोर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित। <&sol;strong>अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar;&comma; पटना के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओर से विश्व किडनी दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया&period; कार्यक्रम का उद्देश्य किडनी स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और किडनी रोगों की रोकथाम के उपायों को बढ़ावा देना था&period; कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों&comma; शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लेकर किडनी की सुरक्षा के लिए स्वस्थ जीवनशैली&comma; समय पर जांच और जनजागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर नेफ्रोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अमरेश कृष्णा ने कहा कि समाज में किडनी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं&period; समय पर जांच&comma; नियमित स्वास्थ्य परीक्षण&comma; पर्याप्त पानी का सेवन&comma; संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर किडनी रोगों से काफी हद तक बचाव संभव है&period; उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; हेमंत कुमार&comma; अध्यक्ष एम्स गोरखपुर एवं पद्मश्री सम्मानित&comma; ने किडनी रोगों की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की&period; उन्होंने कहा कि जंक फूड से परहेज&comma; संतुलित आहार और स्वस्थ आदतों को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है&period; साथ ही उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखना और रक्तचाप का संतुलित स्तर बनाए रखना किडनी की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;आईजीआईएमएस&rpar; पटना के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रीत पाल सिंह ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डाला&period; उन्होंने विशेष रूप से किडनी दान के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों से अपील की कि वे आगे आकर अंगदान के लिए प्रेरित हों&comma; ताकि अंतिम अवस्था के किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में कई गणमान्य चिकित्सकों और अधिकारियों की उपस्थिति रही&period; इनमें प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; संजय पांडेय&comma; डीन &lpar;रिसर्च&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; मनोज कुमार&comma; डीन &lpar;एग्जामिनेशन&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; रुचि सिन्हा&comma; डीन &lpar;स्टूडेंट अफेयर्स&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अनुप कुमार&comma; मेडिकल सुपरिंटेंडेंट&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; ज्योति प्रकाश&comma; विभागाध्यक्ष जनरल मेडिसिन&comma; डॉ&period; कमलेश गुंजन&comma; विभागाध्यक्ष यूरोलॉजी&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; रविकीर्ति&comma; प्रोफेसर जनरल मेडिसिन तथा डॉ&period; स्वर्णिम&comma; एसोसिएट प्रोफेसर पीडियाट्रिक्स&comma; एम्स पटना शामिल रहे&period; इसके अलावा अन्य संस्थानों से प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; रोहित उपाध्याय&comma; विभागाध्यक्ष यूरोलॉजी&comma; आईजीआईएमएस पटना तथा प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; हर्ष वर्धन&comma; पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल &lpar;पीएमसीएच&rpar; भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ&period; मेघा सैगल&comma; सहायक प्रोफेसर&comma; नेफ्रोलॉजी विभाग&comma; एम्स पटना ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों&comma; वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया&period; कार्यक्रम के माध्यम से किडनी रोगों की रोकथाम&comma; स्वस्थ जीवनशैली&comma; समय पर जांच और अंगदान के महत्व का संदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;

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