जगदेव पथ के बाद अब फुलवारी शरीफ का नया टोला बना बकरा बाजार का नया केंद्र

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>बकरीद पर्व नजदीक आते ही राजधानी पटना के बकरा बाजारों में रौनक चरम पर पहुंच गई है&period; पहले से चर्चित जगदेव पथ-रुकनपुरा बकरा बाजार के बाद अब फुलवारी शरीफ का नया टोला इलाका भी बड़े बकरा बाजार के रूप में तेजी से उभरकर सामने आया है&period; नया टोला स्थित मस्जिद के पास एनएच-98 किनारे इन दिनों सैकड़ों की संख्या में बकरे और खस्सी बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं&period; सुबह से शुरू होने वाला यह बाजार देर रात तक गुलजार रह रहा है&comma; जहां खरीदारों और व्यापारियों की भारी भीड़ उमड़ रही है&period;<br>पटना&comma; फुलवारी शरीफ&comma; नौबतपुर&comma; बिहटा&comma; मसौढ़ी&comma; पुनपुन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से व्यापारी अपने-अपने बकरे लेकर बाजार पहुंच रहे हैं&period; लोग परिवार के साथ बाजार में पहुंचकर अपनी पसंद और बजट के अनुसार बकरों की खरीदारी कर रहे हैं&period; बाजार में छोटे बकरों से लेकर भारी-भरकम और खास नस्ल के खस्सी तक मौजूद हैं&comma; जिनकी कीमत 10 हजार रुपये से शुरू होकर 65 हजार रुपये तक पहुंच गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाजार में कई बकरों को उनके मालिकों ने फिल्मी सितारों और चर्चित नामों से पहचान दी है&period; एक व्यापारी शकील अहमद अपने खस्सी &OpenCurlyDoubleQuote;सलमान खान” को लेकर पहुंचे हैं&comma; जिसकी कीमत 55 हजार रुपये बताई जा रही है&period; वहीं नौबतपुर से आए व्यापारी तौहीद आलम अपने बड़े सफेद बकरे &OpenCurlyDoubleQuote;शाहरुख खान” को लेकर चर्चा में हैं&comma; जिसकी कीमत 65 हजार रुपये लगाई जा रही है&period; मसौढ़ी के एक व्यापारी ने अपने काले रंग के भारी-भरकम खस्सी का नाम &OpenCurlyDoubleQuote;सुल्तान” रखा है&comma; जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>व्यापारियों का कहना है कि इस बार बाजार में खरीदारों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है&period; कई लोग सिर्फ बड़े और आकर्षक बकरों को देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं&period; बच्चे और युवा मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं&period; बाजार में बकरों के साथ-साथ चारे की भी खूब बिक्री हो रही है&period; यहां बरगद और बाढ़ के पत्तों की दुकानें भी सज गई हैं&comma; जहां लोग बकरों के लिए चारा खरीद रहे हैं। इधर बकरा बाजार की बढ़ती भीड़ अब स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण भी बनती जा रही है&period; एनएच-98 किनारे सड़क पर बाजार लगने से सुबह के बाद देर शाम और रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है&period; सड़क के दोनों किनारों पर बकरे&comma; खरीदार और वाहन खड़े रहने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो रहा है&period; कई बार जाम में फंसे वाहन चालकों और बाजार में मौजूद लोगों के बीच कहासुनी और झगड़े की स्थिति भी बन जा रही है&period; स्थानीय लोगों का कहना है कि मारपीट की नौबत तक आ जाती है&comma; लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सबसे बड़ी बात यह है कि फुलवारी शरीफ थाना चंद कदम की दूरी पर होने के बावजूद सड़क पर लग रहे इस अव्यवस्थित बाजार और रोजाना लगने वाले जाम को लेकर पुलिस-प्रशासन बेपरवाह नजर आ रहा है&period; स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो ट्रैफिक नियंत्रण की कोई व्यवस्था की गई है और न ही सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की पहल हो रही है&period; इससे आम राहगीरों और वाहन चालकों को रोज भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है&period; इसके बावजूद नया टोला का यह बकरा बाजार तेजी से इलाके की नई पहचान बनता जा रहा है&comma; जहां रोजाना लाखों रुपये का कारोबार होने का दावा किया जा रहा है&period;बकरीद में अब बस एक दिन रह गया है ऐसे में नया टोला के अलावा चौराहा फुलवारी शरीफ टमटम पड़ाव ईसापुर इलाके में भी छोटे-छोटे ग्रुप में बकरों को लेकर लोगों ने बाजार सजा रखा है।<&sol;p>&NewLine;

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