तक्षशिला कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर भव्य जागरूकता रैली

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>हिंदुनी स्थित तक्षशिला कॉलेज ऑफ एजुकेशन के तत्वावधान में बी&period;एड&period; प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा गोनपुरा गांव में &&num;8216&semi;बेटी बचाओ&comma; बेटी पढ़ाओ&&num;8217&semi; अभियान के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में व्याप्त लैंगिक असमानता को दूर करना&comma; बालिकाओं की शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना तथा महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था&period; कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षित बेटी ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुबह 11 बजे कॉलेज परिसर से शुरू हुई यह रैली गोनपुरा गांव के विभिन्न मार्गों&comma; बाजारों एवं मोहल्लों से होकर गुजरी&period; रैली में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे तथा &&num;8220&semi;बेटी बचाओ&comma; बेटी पढ़ाओ&&num;8221&semi;&comma; &&num;8220&semi;पढ़ेगी बेटी&comma; बढ़ेगा इंडिया&&num;8221&semi;&comma; &&num;8220&semi;शिक्षित बेटी&comma; सशक्त समाज&&num;8221&semi; जैसे जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रहे थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रैली के दौरान छात्राओं ने घर-घर जाकर महिलाओं एवं किशोरियों से संवाद किया&period; उन्होंने बालिका शिक्षा के महत्व&comma; महिला सशक्तिकरण&comma; आत्मनिर्भरता तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी&period; छात्र-छात्राओं ने लोगों से बेटियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील भी की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर कॉलेज के डायरेक्टर इकबाल अहमद ने कहा कि आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटियों की शिक्षा को लेकर पूरी तरह जागरूक नहीं है&period; जबकि एक शिक्षित बेटी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने का कार्य करती है&period; उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा में किया गया निवेश राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान है&period; समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह बेटियों को आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कॉलेज की प्राचार्या डॉ&period; सविता सिन्हा ने ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो जीवन को नई दिशा और पहचान देता है&period; उन्होंने कहा कि बेटियों को विद्यालय भेजना किसी प्रकार का बोझ नहीं बल्कि परिवार और समाज के लिए गर्व की बात है&period; उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षकगण&comma; शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे&period; गांव के पंच&comma; मुखिया&comma; जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों ने भी रैली में भाग लेकर &&num;8216&semi;बेटी बचाओ&comma; बेटी पढ़ाओ&&num;8217&semi; अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया&period; ग्रामीणों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।<&sol;p>&NewLine;

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