विश्व विरासत दिवस और प्राचीन पाटलिपुत्र में चक्रवर्ती सम्राट अशोक के अवशेषों की खोज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon; <&sol;strong>विश्व विरासत दिवस के अवसर पर पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से प्राचीन पाटलिपुत्र में चक्रवर्ती सम्राट अशोक के अवशेषों को खोजने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सिर्फ अपने गृह जिला नालंदा की धरोहरों की ही चिंता रहती है और उसे ही राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए प्रयास करते हैं जबकि बिहार में लुप्त होती धरोहरों का संरक्षण करने के लिए प्रयास किया गया होता तो विश्व के मानचित्र में बिहार का विशिष्ट होता&excl;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2022&sol;04&sol;IMG-20220420-WA0005&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-30602" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पाटलिपुत्र में सिर्फ अशोक के अवशेषों को खोज निकाल कर सहेजने से ही विश्व धरोहर दिवस की सार्थकता साबित हो पायेगी। अभी सिर्फ ले देकर आंशिक कुम्हार में ही कुछ अशोककालीन अवशेष मिला है। पटना सिटी के धर्म शाला गली स्थित आचार्य चाणक्य की गुफा की व मंगल तालाब की उड़ाही होने पर बहुत कुछ मौर्य कालीन अवशेष मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा है कि जिस पाटलिपुत्र से विश्व के बड़े भूभाग पर सम्राट अशोक ने शासन किया वहीं के इतिहास के साथ खिलवाड़ किया गया है। वस्तुतः इसी का नाम पाटलिपुत्र स्टेशन होना चाहिए था न कि यहां से काफी दूर दानापुर के समीप नए रेलवे स्टेशन का नाम।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2022&sol;04&sol;IMG-20220420-WA0004&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-30603" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चुनावी परिसीमन के तहत इस प्राचीन ऐतिहासिक शहर के साथ साजिशन पुनः खिलवाड़ किया गया। लोक सभा और विधानसभा क्षेत्र का नाम भी पाटलिपुत्र रखते हुये इसके इतिहास का सरकार ने स्मरण नहीं किया। पटना के प्राचीन इतिहास को तोड़ मरोड़ कर मुख्य लोक सभा क्षेत्र को पटना साहिब और पटना पूर्वी विधानसभा क्षेत्र को भी पटना साहिब कर दिया गया।<&sol;p>&NewLine;

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