सतर्कता व जागरूकता से मंकीपॉक्स से बचाव संभव, विभाग अलर्ट

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;mark><&sol;strong>कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच अब आम लोगों को मंकीपॉक्स का भी डर सताने लगा है&period; पूर्णिया सहित नजदीकी जिले में मंकीपॉक्स का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट किया है&period; सिविल सर्जन को चर्म रोग व किसी अन्य तरह के संक्रमण संबंधी मामलों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है&period; वहीं किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर तत्काल इलाज का समुचित इंतजाम सुनिश्चित कराने का विभागीय निर्देश दिया गया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संक्रमण से बचाव के लिये सतर्कता जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है&period; पूर्णिया सहित अन्य नजदीकी जिलों में कुछ संदिग्ध मरीज जरूर मिले हैं&period; लिहाजा इसे लेकर सतर्क रहना जरूरी है&period; उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स जियोनेटिकल वायरल डिजीज है&period; इसका संक्रमण जानवर से आदमी के बीच फैलता है&period; ये चिकन पॉक्स फैमली का ही वाररस है&period; संक्रमण के पश्चात 10 से 15 दिनों तक दूसरे व्यक्ति में इसके प्रसार की संभावना अधिक होती है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आसान है मंकी पोक्स से संक्रमित मरीज का इलाज<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वरीय चिकित्सक डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना की तरह मंकीपॉक्स का इलाज भी संक्रमित व्यक्ति में रोग संबंधी लक्षण के आधार पर संभव है&period; संक्रमित मरीज को आइसोलेट करना बेहद जरूरी है&period; ताकि संक्रमण के प्रसार की संभावना को नियंत्रित किया जा सके&period; संक्रमण के कारण मरीज के शरीर में बड़े-बड़े दाने व चकत्ते उभर आते हैं&period; इसके सूखने पर मवाद बाहर आता है&period; इसके संपर्क में आने पर दूसरा व्यक्ति भी इससे संक्रमित हो सकता है&period; मरीज को ज्यादा से ज्यादा आराम में रहने की जरूरत होती है&period; आइसोलेशन रोग नियंत्रण से संबंधित एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कमजोर इम्यूनिटी वालों को रोग का खतरा अधिक<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि मंकीपॉक्स के मामले में मृत्यु दर काफी सीमित है&period; रोग का कोई स्पेशिफिक इलाज नहीं है&period; होमो सेक्सुअल लोगों को रोग का खतरा अधिक देखा जा रहा है&period; उन्होंने कहा कि पूर्व में स्मॉल पॉक्स का टीका जिन्होंने लिया है&period; उन्हें संक्रमण का खतरा काफी कम है&period; कम इम्यूनिटी वाले लोगों को इसका खतरा अधिक है&period; ऐसे लोगों के लिये इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद् पदार्थ का सेवन जरूरी है&period; साथ ही योग व प्राणायाम भी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रोग से बचाव के जरूरी हैं ये उपाय<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list"><li>हाथों की नियमित सफाई<&sol;li><li>मास्क का नियमित उपयोग<&sol;li><li>संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से रहें दूर<&sol;li><li>संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल में लाने वाले कपड़ों की गर्म पानी से अच्छी तरह<br &sol;>सफाई जरूरी है<&sol;li><&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कई तरीके से फैलता है संक्रमण<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list"><li>रोगी के संपर्क में आने पर<&sol;li><li>संक्रमित व्यक्ति के साथ सोने पर<&sol;li><li>यौन संपर्क बनाने पर<&sol;li><li>सांस के माध्यम से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण का प्रसार संभव है<&sol;li><&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रोग से जुड़े कुछ प्रमुख लक्षण<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तेज बुखार<br &sol;>पीठ व मांस पेसियों में दर्ज<br &sol;>त्वचा पर दाने व चकत्ते उभरना<br &sol;>गला&comma; जांघ&comma; कांख के पास ग्लैंड का निर्माण<br &sol;>गला खराब होना&comma; बार-बार खांसी आना<&sol;p>&NewLine;

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