जागरण कल्याण भारती, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन (यूएस) और प्रसाशन के सहयोग से अररिया जिला को बनाएगा बाल विवाह, बाल श्रम और ट्रैफिकिंग मुक्त

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन &lpar;यूएस&rpar; नई दिल्ली एवं जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के संयुक्त तत्वाधान में अररिया जिला प्रशासन के सहयोग से अररिया जिला के 50 गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही संस्था मानव तस्करी&comma; बाल श्रम&comma; बच्चों की सुरक्षा विषयों पर भी जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में कार्य करेगी। इस संदर्भ में जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी जी ने पूरे देश में बाल विवाह&comma; मानव तस्करी को समाप्त करने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अभियान शुरू किया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> उसी के तहत अररिया जिला में भी जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज को जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार ने बताया कि आज दिनांक 05&period;05&period;2023 को दिल्ली में एक समझौतापत्र पर संयुक्त हस्ताक्षर हुआ है और जिला प्रशासन के साथ मिलकर रणनीति बनाकर जिला के 50 गांव को बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें लगभग एक लाख से अधिक लोगों से बाल विवाह के खिलाफ शपथ पत्र भी भरवाने की योजना है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

डिजिटल युग में जनगणना 2027 : बिहार में शुरू हुआ स्व-गणना अभियान, वरिष्ठ अधिकारियों ने किया शुभारंभ

सांसद पप्पू यादव के बयान पर भड़की बिहार की पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, कहा- यह एक व्यक्ति की सोच नहीं, समाज की मर्यादा पर सीधा आघात

पटना में ट्रैफिक पुलिस की तत्परता: भटके मासूम को सकुशल परिजनों से मिलाया