आरोग्य दिवस की मदद से सुदूरवर्ती इलाकों तक आसान हुई है स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को आरोग्य दिवस का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से हर सप्ताह आरोग्य दिवस का आयोजन किया जाता है। आरोग्य दिवस के मौके पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर संबंधित पोषक क्षेत्र की किशोरी&comma; गर्भवती व धात्री महिलाओं का स्वास्थ्य जांच करते हुए उन्हें जरूरी चिकित्सकीय परामर्श व दवा निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। साथ ही पांच साल से कम आयु वर्ग के सभी बच्चों को टीका का निर्धारित डोज लगाया गया। संबंधित केंद्र की सेविका&comma; एएनएम के माध्यम से महिलाओं को परिवार की खुशहाली व सेहतमंद जिंदगी के लिये स्वच्छता व उचित पोषाहार के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आरोग्य दिवस का सफल आयोजन जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिहाज से आरोग्य दिवस का सफल आयोजन महत्वपूर्ण है। योग्य दंपति&comma; गर्भवती व धात्री महिलाएं&comma; क्षेत्र की किशोरी व शून्य से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना आरोग्य दिवस का मुख्य उद्देश्य है। आरोग्य दिवस के माध्यम से नियमित टीकाकरण&comma; एएनसी जांच संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देकर मातृ शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। वहीं परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों को बढ़ावा देकर जनसंख्या स्थिरीकरण संबंधी प्रयासों की मजबूती के साथ समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी आदतों के प्रति जागरूक करने के लिहाज से भी आरोग्य दिवस का सफल आयोजन महत्वपूर्ण है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अरोगय दिवस से स्वास्थ्य व पोषण संबंधी मामलों में सुधार संभव<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>किला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोइज ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस के सहयोग से&nbsp&semi; टीकाकरण के आच्छादन मामलों में अपेक्षित सुधार हुआ है। आरोग्य दिवस को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिये एएनएम&comma; आशा&comma; आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संबंधित क्षेत्र की जीविका&comma; गांव के व्यस्क व बुजुर्गों के साथ साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाकर आरोग्य दिवस के सफल आयोजन का प्रयास किया जा रहा है। आरोग्य दिवस के माध्यम से स्वास्थ्य व पोषण संबंधी कई महत्वपूर्ण आयाम आसानी से हासिल की जा सकती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मातृ शिशु स्वास्थ्य में सुधार में आरोग्य दिवस का योगदान महत्वपूर्ण<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि मिशन मानव विकास के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की मदद से मातृ व शिशु मृत्यु दर के मामलों में काफी कमी आई है। अभी इसे और बेहतर बनाने में आरोग्य दिवस महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। आरोग्य दिवस पर केंद्र पहुंचने वाली महिला व पांच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण आसान हो जाता है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा योग्य दंपतियों को प्रसव के बाद परिवार नियोजन के लिये उपलब्ध विभिन्न स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी देते हुए उन्हें इसके लिये प्रेरित किया जाता है। धात्री महिलाओं को भी दो बच्चों के बीच अंतर रखने के लिये प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;

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