चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना, डाउनलोड करना अपराध : सुप्रीम कोर्ट

&NewLine;<p><br><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> एक्सेस टू जस्टिस के तहत जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज ने वर्ष 2022 से कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से एवं जिला प्रशासन अररिया के मार्गदर्शन में बच्चों के हित में जैसे &&num;8211&semi; बाल विवाह मुक्त&comma; मानव तस्करी मुक्त&comma; बाल श्रम मुक्त एवं बाल यौनशोषण मुक्त अररिया जिला बनाने के लिए कार्य कर रही है&vert;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन&comma; राष्ट्रीय व्यापी गठबंधन है में जागरण कल्याण भारती एक सदस्य की भूमिका में है और माननीय मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के विरुद्ध एक जनहित याचिका देश भर के 200 से अधिक संस्थाओं ने जो देश के 400 से अधिक जिले में बाल यौन शोषण के विरुद्ध कार्य कर रही है उसी के तहत मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में जनहित याचिका दायर की गई थी&vert;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिस आलोक में दिनांक&colon;23&period;09&period;2024 दिन सोमवार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आज ऐतिहासिक फैसला दिया है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड करना और देखना POCSO और IT एक्ट के तहत अपराध है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़&comma; जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने माननीय मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए फैसला सुनाया। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर कोई ऐसा कंटेंट डाउनलोड करता और देखता है&comma; तो यह अपराध नहीं&comma; जब तक कि नीयत इसे प्रसारित करने की न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे कंटेंट का स्टोरेज&comma; इसे डिलीट ना करना और इसकी शिकायत ना करना बताता है कि इसे प्रसारित करने की नीयत से स्टोर किया गया है। हाईकोर्ट ने ये केस खारिज करके अपने फैसले में गंभीर गलती की है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हम उसका फैसला रद्द करते हैं और केस को वापस सेशन कोर्ट भेजते हैं। हम संसद को सुझाव देते हैं कि POCSO एक्ट में बदलाव करें और इसके बाद पोर्नोग्राफी शब्द की जगह चाइल्ड सेक्शुअली एब्यूसिव एंड एक्सप्लॉइटेटिव मटेरियल &lpar;CSEAM&rpar; का इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए अध्यादेश भी लाया जा सकता है। CSEAM शब्द सही तरीके से बताएगा कि यह महज अश्लील कंटेंट नहीं&comma; बच्चे के साथ हुई घटना का एक रिकॉर्ड है। वो घटना जिसमें बच्चे का यौन शोषण हुआ या फिर ऐसे शोषण को विजुअली दिखाया गया हो।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के फैसले से संजय कुमार&comma; अध्यक्ष जागरण कल्याण भारती&comma; फारबिसगंज ने कहा की बच्चो के हित में लिया गया निर्णय है देश के सभी बच्चो का सुरक्षित बचपन&comma; सुरक्षित भारत का सपना साकार होगा सबका साथ सबका विकास&comma; देश का विकास तब संभव होगा&vert;<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

बिहार में डिजिटल क्रांति की ओर बड़ा कदम : बिहटा में ₹50.75 करोड़ का न्यू मीडिया और डेटा हब बनेगा

साम्प्रदायिक शक्तियों के सामने लालू जी नहीं झूके तो उनका बेटा तेजस्वी को भी कोई नहीं झुका सकता है : तेजस्वी प्रसाद यादव

सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम