तीन दिवसीय संतमत सत्संग का समापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> सोनापुर के सत्संग मंदिर में तीन दिवसीय अधिवेशन के संतमत सत्संग का समापन गुरुवार की संध्या हो गया। सत्संग सुनने दूर-दूर से आए सैकड़ों सत्संगप्रेमी तीन दिनों से सत्संग स्थल पर जमे थे। आयोजित सत्संग के समापन पर बनारस से आये शंभु देव चेतन जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि कोई कितना भी पढ़ ले&comma; धन जमा कर ले या जितना भी सुन लें लेकिन जबतक शुष्मना का ध्यान नहीं कर लेगा तब तक अपने अंदर में ज्योति ब्रह्मनाद को नहीं सुन सकेगा और कभी परमात्मा का दर्शन नहीं हो सकेगा। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समापन सत्र के दौरान संत महात्मा ने आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापन भी किया। शाम 5&colon;00 बजे समदन विदाई गान एवम आरती भजन के साथ ही सत्संग का विधिवत समापन हुआ। कार्यक्रम में महानंद साह&comma; सदानंद साह&comma;भागवत साह&comma;अरविंद साह&comma; धीरज साह&comma;कुलानन्द साह&comma; रंजन साह&comma; पिंटू साह&comma; रजनीश साह के अलावा अन्य स्थानीय ग्रामवासियों का भरपूर योगदान रहा।<&sol;p>&NewLine;

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