वर्षों से जलजमाव झेल रहे ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;strong> नरपतगंज प्रखंड की भंगही पंचायत अंतर्गत मिल्की डुमरिया वार्ड संख्या-08 स्थित सत्संग भवन के समीप लगभग 200 मीटर लंबी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। वर्षों से जलजमाव और जर्जर सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व शिक्षक मिट्ठू कुमार यादव ने किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि उक्त सड़क वर्षों से जर्जर अवस्था में है&comma; लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि या संबंधित विभाग ने इसकी सुध नहीं ली। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बर्षा का पानी जमा रहता है&comma; जिससे लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। कई बार राहगीर और बाइक सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं&comma; बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से छात्र-छात्राएं विद्यालय जाते हैं&comma; किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं तथा ग्रामीण बाजार और अस्पताल के लिए आवागमन करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जलजमाव के कारण लोगों को कई बार पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है&comma; जब सड़क और गड्ढों में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षक मिट्ठू कुमार यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीण चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे&comma; जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं&comma; लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है। वर्षों से सड़क की बदहाली के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया&comma; लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों&comma; गर्भवती महिलाओं&comma; बुजुर्गों एवं मरीजों को भुगतना पड़ता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की कि सड़क निर्माण के साथ-साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था भी की जाए&comma; ताकि भविष्य में जलजमाव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। प्रदर्शन में शिक्षक मिट्ठू कुमार यादव के अलावा रौशन कुमार&comma; हीरा देवी&comma; पंकज यादव&comma; प्रेमचंद यादव&comma; मनीष यादव&comma; बब्लू यादव&comma; पंकू यादव&comma; सचिन कुमार शर्मा&comma; राहुल कुमार दास&comma; संतोष यादव&comma; मुकेश यादव सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क निर्माण की दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और लोग अब आश्वासन नहीं&comma; बल्कि धरातल पर काम शुरू होते देखना चाहते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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