जेबीएसवाई के तहत प्रसव के 24 घंटें के अंदर लाभुकों को हो रहा प्रोत्साहन राशि का भुगतान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जननी बाल सुरक्षा योजना के सफल क्रियान्वयन मामले में सदर अस्पताल ने हाल के दिनों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अस्पताल प्रबंधक के समर्पित प्रयासों से शत प्रतिशत योग्य महिलाओं को प्रसव के उपरांत निर्धारित समय सीमा के भीतर इस योजना का लाभ मिल रहा है। गर्भवती महिलाएं व नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य देखभाल के उद्देश्य से संचालित जननी बाल सुरक्षा योजना स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ मातृ-शिशु मृत्यु दर प्रभावी नियंत्रत के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव के उपरांत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1400 रुपये व शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये भुगतान किये जााने का प्रावधान है। ताकि वे पोषण व स्वास्थ्य संबंधी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>योजना के क्रियान्वयन मामले में अस्पताल की उपलब्धि 85 फीसदी के करीब<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जननी बाल सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन मामले में हाल के दिनों में सदर अस्पताल ने शानदार उपलब्धि हासिल की है। जानकारी देते हुए अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने बताया कि दिसंबर 2024 से फरवरी माह में अब तक अस्पताल में कुल 2500 सौ प्रसव हुए हैं। इसमें 2100 से अधिक महिलाओं को योजना लाभ का भुगतान किया जा चुका है। इस तरह योजना के क्रियान्वयन मामले में सदर अस्पताल की उपलब्धि 85 फीसदी के करीब है। गौरतलब है कि अस्पताल में प्रसव के 24 घंटे के अंदर डीबीटी के माध्यम से लाभुकों के एकाउंट में प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा रहा है। वहीं मोबाइल पर लाभुकों का फॉलोअप करते हुए योजना लाभ के संबंध में उनसे पुष्टि भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि लाभुकों द्वारा प्रसव के तत्काल बाद अस्पताल प्रशासन को अपना अकाउंट नंबर उपलब्ध नहीं कराया जाना योजना के सफल क्रियान्वयन में बाधक बन रहा है। ये जाने से<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल प्रबंधक की भूमिका अहम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन में अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद की भूमिका सराहनीय रही है। उनके सक्रिय प्रयासों से लाभुकों को ससमय योजना लाभ का भुगतान हो पा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये अस्पताल प्रबंधक ने विशेष रणनीति अपनाते हुए संबंधित कर्मियों को प्रेरित व प्रोत्साहित करते हुए लाभार्थियों की सूची तैयार कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि एक भी एक योग्य महिला योजना लाभ से वंचित नहीं रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली से दूसरे अन्य अस्पताल लें सीख<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने सदर अस्पताल की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि जननी बाल सुरक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मातृ-शिशु मृत्यु संबंधी मामलों में कमी आयेगी। इतना ही नहीं संस्थागत प्रसव के लिये सरकारी चिकित्सा संस्थानों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने अन्य चिकित्सा संस्थानों को सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली से सीख लेने की सलाह देते हुए संस्थागत प्रसव के उपरांत शत प्रतिशत योग्य महिलाओं को योजना का लाभ ससमय उपलब्ध कराने के लिये निर्देशित किया है।<&sol;p>&NewLine;

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