महिला दिवस से अनजान महिलायें कर रही थी मजदूरी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> आठ फरवरीअंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जा रहा था&period; आधी आबादी के हाथ जहाज रेल एवं अन्य सरकारी कार्यालय की कमान रही&period; वहीं आधी आबादी का एक बड़ा तबका इस दिवस से अनजान था&period; आज के दिन भी वह आमदिनों की तरह मजदूरी करने में व्यस्त् रही ताकि शाम का भोजन बन सके&period; वहीं महिला दिवस पर समाजिक सरोकार रखने वालों का मानना है की जबतक जमीनी स्तर पर ग्रामीण अशिक्षित महिलाओ क़ो उनके अधिकारों की जानकारी नहीं दी जाती तब तक महिला दिवस मनाया जाने का कोई औचित्य नहीं रह जायेगा&period; अधिक से अधिक ग्रामीण इलाकों में इस दिवस के प्रति महिलाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है ताकि वह अपने अधिकार और समाज में अपने योगदान के प्रति सचेत हों&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महिला मजदूर से जब इस महिला दिवस के बाबत सवाल किया तब उन्होंने कहा पता नहीं यह क्या होता है&quest; गुड़िया कुमारी फुलवारी शरीफ के नया टोला में अपने पति अशोक के साथ मजदूरी कर रही थी&comma; पास में छोटा मासूम बच्चा भी धूल मिट्टी में खेल रहा था&period; पूछने पर महिला ने बताया वह गृह निर्माण में मजदूरी का कार्य करती है&period; पति पत्नी दोनों मिल कर काम करते हैं ताकि घर परिवार खुशहाली से चल सके&period; पति पत्नी दोनों मजदूरी कर अपनी तीन बेटियों को पढ़ाती है&period; गुड़िया देवी को इस बात की जानकारी नहीं कि आज महिला दिवस है और महिला दिवस क्या होता है&quest; इनके साथ कई महिलायें काम में रोज की तरह लगी हुई थी&period; सब महिला दिवस से अनजान थी&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारी शरीफ के निसरपुरा&comma;गोनपुरा सहित नया टोला आसपास की कई कॉलोनी में महिला मजदूर से जब बात किया तब पता चला कि वह इस दिन से अनजान हैं&period; वहीं पत्रकार को महिला मजदूर से बातचीत करता हुआ देख समाजिक सरोकार रखने फिरोज आलम पहुंचे और उन्होंने सभी मजदूरी कर रही महिलाओं को मिठाई खिलाया&period; उन्होंने कहा कि आज महिलायें हर क्षेत्र में मर्द के साथ कदम से कदम मिला कर देश और समाज के लिए कार्य कर रही हैं वहीं अशिक्षित और गांव की महिलायें इस दिवस से अनजान हैं ऐसी स्थिति में इस दिवस के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है&period; इस जागरूकता अभियान से ना केवल वह इस दिवस के प्रति जागरूक होंगी बल्कि अपने अधिकार के प्रति और समाज में अपनी हिस्सेदारी के प्रति भी सचेत होंगी&period;<&sol;p>&NewLine;

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