श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में दो दिवसीय संगोष्ठी संपन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य &lpar;प्रो०&rpar; डॉ कनक भूषण मिश्र के प्रगतिशील नेतृत्व में दो दिवसीय विभागीय संगोष्ठी दिनांक 20&period;02&period;2023 एवं 21&period;02&period;2023 को संपन्न हुआ। इस संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन विभाग के द्वारा किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो०&lpar;डॉ०&rpar; कनक भूषण मिश्र ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि विभाग के द्वारा दो विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। प्रथम विषय है &&num;8220&semi;भारतीय धर्म एवं दर्शन&&num;8221&semi; तथा दूसरा विषय &&num;8220&semi;गया जी का महात्म&&num;8221&semi;। उन्होंने विस्तार से इस विषय पर अपना विचार रखा। उन्होंने गया जी के महात्म भी चर्चा की गया जी ज्ञान का केंद्र है&comma; बुध की नगरी है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विभागाध्यक्ष डॉ अंबुज किशोर ने अपने उद्बोधन में रामचरितमानस की पंक्तियों को उद्धृत किया। उन्होंने सुनहु भरथ भावी प्रबल विलखी काहू मोहीनाथ से गुरु के महत्व को बड़ी वारीकी से अपना विचार रखा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने शखंक दर्शन योग&comma; न्याय&comma; वैश्विक&comma; चार्वाक तथा वेदांत इसे षष्ठ दर्शन कहते हैं। इसकी विहद चर्चा की गई। इसके बाद वेद&comma; वेदांत&comma; उपनिषद&comma; रामायण महाभारत&comma; की चर्चा की गई। आदिकाल&comma; सिंधुकाल&comma; वैदिक काल&comma; आस्तिक &&num;8211&semi; नास्तिक शैववाद&comma; वैष्णव एवं भागवत संप्रदाय एवं शक्ति शाक्त की चर्चा की । <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके अतिरिक्त जैन एवं बौध दर्शन पर चर्चा की गई । अंत में भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप के आलोक में सिक्ख&comma; पंथ&comma;इस्लाम एवं सूफीवाद और ईसाई धर्म के दर्शन एवं धाय पर चर्चा की गई। गया के महात्म पर विस्तार से चर्चा की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक डॉ अखिलेश कुमार&comma; डॉ अरविंद कुमार&comma; डॉ ज्योति शंकर सिंह&comma;डॉ पुष्पा सिन्हा&comma; डॉ फजल अहमद&comma;डॉ अनिल कुमार सिंह&comma; डॉ अरुण कुमार&comma; डॉ उमेश कुमार&comma; डॉ अरुण कुमार&comma; डॉ मो अब्बास&comma; डॉ विनय कृष्ण तिवारी&comma; डॉ विजय नारायण सिंह&comma; डॉ एस&period;टी&period; असलम&comma;डॉ मिनु मिंज&comma; डॉ सुनील कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन नैक समन्वयक डॉ विकास कुमार ने किया।<&sol;p>&NewLine;

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