नरपतगंज में नल-जल योजना की बदहाली पर उठे सवाल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;strong>बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी &OpenCurlyQuote;हर घर नल-जल योजना’ की स्थिति नरपतगंज नगर पंचायत क्षेत्र में बदहाल बताई जा रही है। मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर के दौरान नगर पंचायत के वार्ड पार्षदों ने योजना में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई जलापूर्ति व्यवस्था लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है। कई स्थानों पर नल-जल योजना की टंकियां केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई हैं। नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 के पार्षद कौशल कुमार दास ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को नल-जल योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। कई वार्डों में जलापूर्ति अनियमित है&comma; जबकि कुछ जगहों पर पूरी व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि नरपतगंज बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है&comma; जहां भूजल में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण लोगों को शुद्ध पेयजल की आवश्यकता है। इसके बावजूद लोग मजबूरन चापाकल का पानी पीने या बाहर से पानी मंगाने को विवश हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पार्षद ने आरोप लगाया कि सरकार की करोड़ों रुपये की यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है और संबंधित विभाग तथा जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन बने हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने&comma; योजना की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इधर&comma; नगर पंचायत नरपतगंज के कार्यपालक पदाधिकारी विकास कुमार ने स्वीकार किया कि नल-जल योजना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह योजना लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग &lpar;पीएचईडी&rpar; के अधीन है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नगर पंचायत की ओर से योजना के हस्तांतरण के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है तथा दोनों विभागों के जूनियर इंजीनियरों द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर खामियों को चिन्हित किया जाएगा। योजना नगर पंचायत को हस्तांतरित होते ही खराब पड़ी जलमीनारों एवं जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी&comma; ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। नल-जल योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों और अधिकारियों द्वारा स्थिति स्वीकार किए जाने के बाद अब लोगों की निगाहें विभागीय जांच और सुधारात्मक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया&comma; तो करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति बेकार हो जाएगी और आम जनता को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

फुलवारी व संपत चक में सहयोग शिविर में उमड़ी लोगों की भीड़

गौरीचक में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई : ट्रक से 3708 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद, चालक गिरफ्तार!

नरपतगंज में सहयोग शिविरों में उमड़ी भीड़, 200 से अधिक आवेदन प्राप्त