घाघरा नदी के कटान से कटान पीड़ित कर रहे है त्राहि त्राहि

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>यूपी&comma; संजय कुमार तिवारी <&sol;strong> बलिया से है जहां बलिया के बांसडीह तहसील क्षेत्र के खादीपुर के बीएसटी बंधा से महज 100 मीटर की दूरी पर घाघरा नदी का कटान है जहां घाघरा नदी के कटान से इलाकाई लोगों में दहशत बनी हुई है इससे पहले घाघरा नदी लगभग एक किलो मीटर दूर थी लेकिन इस बार के कटान से खादीपुर के एक पुरवा मलाहीचक पूरी तरह से नदी में विलीन हो गई है।और घाघरा नदी में किसानों की उपजाऊ भूमि को कटान जिस तरह से हो रही है उससे लगता है कि खादीपुर गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हालांकि बाढ़ विभाग बम्बू और ईट डालकर बाढ़ को रोकने का प्रयास किया है लेकिन बाढ़ विभाग के बम्बू और कैरेट डालने के बाद भी गांवो का अस्तित्व समाप्त हो जा रहा है। किसानों की बची खुची उपजाऊ भूमि भी इस बार के कटान से नदी में विलीन हो गया है वही कटान पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ विभाग भले ही बम्बू डाले है लेकिन कोई उम्मीद नहीं है कई सौ एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई है।जिन लोगों की जमीन नदी में विलीन हुई है उनकी स्थिति ठीक नहीं है बहुत दयनीय हो गई है।हमारे यहां तो कोई सरकारी सहायता नही मिल रहा है लेखपाल तो आज तक आए ही नही।लेकिन जनता तो त्राहि त्राहि कर रही है।<&sol;p>&NewLine;

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