बिहार में कनकनी-कोहरा-शीतलहर का तिहरा कहर, अगले कई दिन राहत नहीं…

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित<&sol;strong>। बिहार की फिजा इन दिनों सर्द&comma; सख्त और बेरहम बनी हुई है&period; आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं&period; ठंड का यह दौर अभी और लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने वाला है&period;राज्य में कनकनी इतनी तेज है कि आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है&period; सुबह घना कोहरा&comma; दिन में कमजोर धूप और शाम ढलते ही बर्फीली पछुआ हवा लोगों को घरों में कैद कर रही है&period;मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार&comma; अगले 5 से 7 दिनों तक बिहार में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> न्यूनतम तापमान में अगले पांच दिनों के दौरान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट की संभावना जताई गई है&period; इसका सीधा असर शीतलहर की तीव्रता पर पड़ेगा&period; अधिकतम तापमान में कोई खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं&comma; जिससे दिन में भी ठंड का अहसास बना रहेगा&period;उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ&comma; हिमालय से उतरती बर्फीली पछुआ हवाएं और रात के समय आसमान का साफ रहना ठंड को और तीखा बना रहा है&period; दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है&period; कई जिलों में पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है&comma; जिससे गलन और कनकनी बढ़ गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार में शीत ऋतु अपने सबसे सख्त दौर में पहुंच चुकी है&period; ठंड&comma; कनकनी और घने कोहरे ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है&period; सुबह घर से निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है तो शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है&period; बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक&comma; हर वर्ग ठिठुरन और गलन से बेहाल है&period;<br &sol;>बिहार में सर्दी का सितम अब आम जनजीवन ही नहीं&comma; बल्कि वन्यजीवों पर भी भारी पड़ने लगा है&period; बेतिया के नौतन प्रखंड के सनसरैया गांव में भीषण ठंड के कारण एक बुजुर्ग और बीमार गिद्ध जमीन पर गिर पड़ा&comma; जो उड़ने की हालत में नहीं था&period; ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने गिद्ध को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया&period; वन विभाग के अनुसार&comma; गिद्ध उम्रदराज और बीमार है&comma; ठंड की वजह से वह बेहद सुस्त हो गया था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह घटना बिहार में जारी कड़ाके की ठंड&comma; घने कोहरे और शीतलहर की गंभीर स्थिति को बयां करती है&period; मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में<br &sol;>कोहरे की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है&period; वाल्मीकि नगर&comma; पश्चिम चंपारण में दृश्यता महज 40 मीटर तक सिमट गई&period; उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में सुबह से घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा&period; मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण&comma; पूर्वी चंपारण&comma; सीतामढ़ी&comma; शिवहर&comma; मधुबनी&comma; गया सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है&period;मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि घने कोहरे और शीतलहर को देखते हुए सतर्क रहें&period; सुबह और रात के समय यात्रा से बचें&comma; वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें&period; दृश्यता कम होने के कारण सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भारत मौसम विज्ञान विभाग&comma; मौसम विज्ञान केंद्र अनिसाबाद पटना द्वारा 06 जनवरी 2026 को जारी मौसम विज्ञप्ति के अनुसार&comma; पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा&comma; लेकिन न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है&period; राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4&period;6 डिग्री सेल्सियस सबौर &lpar;भागलपुर&rpar; में रिकॉर्ड किया गया&period; वहीं अधिकतम तापमान 14&period;1 से 19&period;4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पटना में अधिकतम तापमान 16&period;7 डिग्री और न्यूनतम 8&period;7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया&comma; जबकि गयाजी में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया&period; मधेपुरा में अधिकतम तापमान महज 14&period;1 डिग्री रहा&comma; जो सर्दी की तीव्रता को साफ दर्शाता है। कोहरे की स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है&period; पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में दृश्यता घटकर सिर्फ 40 मीटर तक पहुंच गई&comma; जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ&period; उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 7 दिनों तक बिहार का मौसम शुष्क तो रहेगा&comma; लेकिन ठंड और कोहरे से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है&period; अगले 5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है&period; इससे शीतलहर और कोल्ड-डे जैसी स्थिति कई जिलों में बनी रहेगी। पूर्वी चंपारण&comma; सीतामढ़ी&comma; मधुबनी&comma; किशनगंज&comma; सुपौल&comma; अररिया&comma; पूर्णिया&comma; कटिहार&comma; मधेपुरा&comma; अरवल&comma; औरंगाबाद और गया जिलों के कुछ हिस्सों में शीत दिवस की चेतावनी जारी की गई है&period; वहीं उत्तर और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है&period; मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार&comma; उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ&comma; हिमालय से उतरती बर्फीली पछुआ हवाएं और रात के समय आसमान का साफ रहना ठंड को और तीखा बना रहा है&period; जेट स्ट्रीम के प्रभाव से दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाएं शरीर को चीरती महसूस हो रही हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ठंड का असर अब दिनचर्या पर साफ दिखने लगा है&period; स्कूल जाने वाले बच्चे अलाव और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं&period; सुबह-शाम टहलने वाले लोग घरों में कैद हो गए हैं&period; बाजारों में रौनक घट गई है और अस्पतालों में सर्दी&comma; खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि घने कोहरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें&period; वाहन चलाते समय धीमी गति और फॉग लाइट का प्रयोग करें&period; बुजुर्गों&comma; बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है&period; कुल मिलाकर बिहार में ठंड का सितम अभी थमने वाला नहीं है&period; अगले एक हफ्ते तक सर्दी&comma; कनकनी और कोहरा लोगों की दिनचर्या को यूं ही प्रभावित करता रहेगा।<&sol;p>&NewLine;

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