एनक्वास प्रमाणीकरण को लेकर राज्यस्तरीय टीम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर सदर अस्पताल के एनक्वास प्रमाणीकरण को लेकर दो सदस्यीय राज्यस्तरीय मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने सदर अस्पताल का दौरा किया। दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल पहुंचे मूल्यांकनकर्ताओं में डॉ राजीव कुमार व राजकमल शर्मा शामिल थे। मूल्यांकन की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का गहनता पूर्वक मुआयना किया। मूल्यांकन के उपरांत उन्होंने इसके नतीजों पर संतोष जाहिर किया। कहा कि एनक्वास प्रमाणीकरण को लेकर सदर अस्पताल प्रशासन का प्रयास सराहनीय है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार के लिये महत्वपूर्ण दिशा निर्देश भी दिये। ताकि केंद्रीयप्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके। मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप&comma; डीपीएम संतोष कुमार&comma; डीसीक्यूए डॉ मधुबाला&comma; सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय&comma; एनक्वास के नोडल अधिकारी डॉ जीतेंद्र प्रसाद&comma; डॉ राजेंद्र प्रसाद&comma; डॉ स्नेहा किरण&comma; डॉ धीरज कुमार&comma; नाजिया परवीण&comma; मनीषा&comma; रीतिका&comma; सुभम कुमार&comma; कपिल सैनी&comma; दीपक कुमार&comma; बादल कुमार&comma; पिरामल स्वास्थ्य के एसपीओ राजीव कुमार&comma; नम्रता&comma; शांतनु सहित संबंधित सभी विभागों के नोडल व इंचार्ज अधिकारी मौजूद थे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मूल्यांकन के नतीजों पर टीम के सदस्यों ने जताया संतोष<br &sol;>एनक्वास प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के तहत सदर अस्पताल पहुंचे मूल्यांकनकर्ताओं की विशेष टीम में शामिल डॉ राजीव कुमार व राजकमल शर्मा ने बताया कि प्रमाणीकरण हासिल करने के लिये अस्पताल प्रशासन की तैयारी सराहनीय है। अस्पताल के पास विशेषज्ञ व अनुभवी चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरीन टीम उपलब्ध है। जो काफी ऊर्जावान व उत्साही हैं। हालांकि उन्होंने सदर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक व कर्मियों की कमी की समस्या पर अपनी चिंताएं जाहिर की। इस पर सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने जल्द से जल्द इस कमी को दूर करने का आश्वासन राज्यस्तरीय अधिकारियों को दिया। मूल्यांकन के नतीजों पर संतोष जाहिर करते हुए मूल्यांकनकर्ताओं ने सदर अस्पताल के एनक्वास प्रमाणीकरण की तैयारियों को और अधिक बेहतर करने के लिये कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का प्रयास अगर यूं ही निंरतर जारी रहा तो सदर अस्पताल को जल्द ही राष्ट्रीय स्तर एनक्वास प्रमाणीकृत अस्पतालों की सूची में शामिल होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मूल्यांकनकर्ताओं की प्रतिक्रिया उत्साहवर्द्धक<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मूल्यांकन से संबंधित जानकारी देते हुए सदर अस्पताल के प्रबंधक विकास आनंद ने बताया कि बेहतर आपसी समन्वय व सामूहिक प्रयास का नतीजा है कि राज्य स्तरीय मूल्यांकन बेहद संतोषजनक रहा है। इससे हम राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन में भी बेहतर नतीजों के प्रति आशावान है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल प्रशासन द्वारा अस्पताल के सात विभागों के राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण के लिये आवेदन किया था। इसमें अस्पताल का ओपीडी&comma; पैथोलॉजी&comma; ब्लड सेंटर&comma; जेनरल एडमिन&comma; लेबर रूम&comma; मेटरनिटी वार्ड&comma; मेटरनिटी ओटी विभाग शामिल हैं। राज्यस्तरीय मूल्यांकनकर्ताओं ने उक्त सभी वार्डों का गहनता पूर्वक मुआयना करते हुए उपलब्ध तमाम सुविधाओं का जायजा लिया। मूल्यांकन के नतीजा बेहद सकारात्मक रहने की जाानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुणवत्तापूर्ण सेवा व बेहतर सेवाओं के लिये प्रमाणीकरण जरूरी<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि एनक्वास प्रमाणीकरण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिये दिया जाने वाला राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की एक प्रक्रिया है। जो किसी अस्पताल को उनकी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार व मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिये प्रेरित व प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिये आने वाले सभी मरीजों को उत्कृष्ट सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है। डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने कहा कि एनक्वास प्रमाणीकरण से अस्पताल की सुविधाओं में सुधार होगा व मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकनकर्ताओं ने अस्पताल की सेवाओं में सुधार को लेकर जो सुझाव दिये हैं। इसे जल्द से जल्द पूरा किया जायेगा। ताकि सभी सात विभागों को जल्द से जल्द प्रमाणीकरण प्राप्त हो सके।<&sol;p>&NewLine;

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