ग्रामीणों में पनपने लगा सवाल, धरातल के बदले कागज पर ही तो नहीं होगा गुणवक्तापूर्ण कार्य

&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> फरविसगंज अनुमंडल क्षेत्र के पिपराघाट में जिम्मेदारी तटबंध की गुणवत्ता को जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सी एच के द्वारा विगत 3 जून 2021 को गुणवत्ता को लेकर निरीक्षण किया गया था जिसमें मिट्टी है या बालू की जांच के लिए 5 किलोग्राम मिट्टी सिंपल के तौर पर लिया गया था और साथ ही कहा गया था कि 1 सप्ताह के अंदर तटबंध का कार्य पूरा कर लिया जाएगा लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी न तो मिट्टी की जांच का कोई रिपोर्ट आई और ना ही तटबंध का कार्य पूरा हो सका।ऐसे में 100 मीटर बांध का रिपेयरिंग और तटबंध का पूर्णरूपेण मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में डर और सवाल पनपने लगा है 70 से 80 प्रतिशत बालू से बना बांध कही धरातल के बदले कागज पर ही तो गुणवत्तापूर्ण काम तो नहीं हो जाएगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार में मॉनसून शुरू हो चुका है और परमान नदी में सीमावर्ती इलाके में बारिश होने से कभी भी बाढ़ आ सकता है&comma; बताते चलें कि पिछले साल जून के माह में ही 25 जून को बाढ़ ने दस्तक दे दिया था 10 जुलाई आते-आते हैट्रिक पूरा कर लिया था। पिछले साल जबकि नदी की पानी टूटे हुए स्थान से निकल रहा था तब उस समय भी जहां ग्रामीण जिस जगह बांध रिपेरिंग की बात कर रहे हैं उस बांध के ऊपर से पानी चल रहा था ऐसे में निर्माणाधीन तटबंध से पश्चिम 100 मीटर तटबंध का रिपेयरिंग नहीं किया गया तो टूटने की आशंका और बाढ़ का कहर फिर से नही आये इसका डर बना हुआ हैं।<&sol;p>&NewLine;

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