शाबान-उल-मुअज़्ज़म का चांद नहीं आया नजर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> इस्लामी माह शाबान-उल-मुअज़्ज़म 1447 हिजरी का चांद सोमवार को फुलवारी शरीफ सहित देश-दुनिया में कहीं नजर नहीं आया&period; इस संबंध में मरकज़ी मजलिस रूयते हिलाल&comma; खानकाह मुजीबिया&comma; फुलवारी शरीफ&comma; पटना की ओर से आधिकारिक एलान किया गया है&period;<br>खानकाह मुजीबिया में परंपरा के अनुसार 19 जनवरी 2026 को शाबान-उल-मुअज़्ज़म का चांद देखने का विशेष इंतजाम किया गया था&period; फुलवारी शरीफ और आसपास के इलाकों के साथ-साथ देश के विभिन्न मराकिज़े रूयते हिलाल से भी संपर्क किया गया&comma; लेकिन कहीं से भी चांद नजर आने की पुष्टि नहीं हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>खानकाह मुजीबिया फुलवारी शरीफ के प्रशासक हज़रत शाह सैयद मिनहाजुद्दीन कादरी ने बताया कि चांद नजर न आने के कारण 21 जनवरी 2026&comma; बुधवार को शाबान-उल-मुअज़्ज़म की पहली तारीख मानी जाएगी&period; इसके अनुसार 14 शाबान यानी शब-ए-बारात का पर्व मंगलवार&comma; 3 फरवरी 2026 को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। मरकज़ी मजलिस रूयते हिलाल की ओर से जारी एलान में कहा गया है कि यह फैसला शरई उसूलों के मुताबिक 30 दिन पूरे होने के आधार पर लिया गया है&period; शब-ए-बारात के मौके पर इबादत&comma; नमाज़&comma; कुरआन ख्वानी और मगफिरत की दुआओं का खास एहतमाम किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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