बिहार में नहीं दिखा रमजान का चांद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon; <&sol;strong>बिहार झारखंड उड़ीसा के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत शरिया व प्रसिद्ध खानकाह ए मुजिबिया ने अधिकारिक रूप से ऐलान किया है कि रमजान उल मुबारक का मुकद्दस चांद बिहार में कहीं नजर नहीं आया बल्कि उत्तर प्रदेश और चेन्नई के कई इलाकों में चांद नजर आया है । रमजान का चांद नजर आने के बाद मुसलमान भाई रविवार को रमजान महीने का पहला रोजा रखेंगे । इमारत शरिया के काजी ए शरीयत मौलाना अंजार आलम कासमी एवं खानकाह ए मुजिबिया के प्रबंधक मौलाना मिनहाजुद्दीन कादरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद बनारस कानपुर जौनपुर हैदराबाद लखनऊ व मद्रास में चांद नजर आया है। इन्होंने सभी मुसलमान भाइयों को रमजान महीने की मुबारकबाद भी दी है। मुस्लिम विद्वानों ने कहा कि रोजेदारों को इफ्तार कराने से बड़ा पूण्य मिलता है।साथ ही अपने आसपास के गरीब जरूरतमंद लोगों के इफ्तार का इंतजाम भी करना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2022&sol;04&sol;IMG-20220402-WA0046&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-30277" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रमजान मुबारक के माह शुरू होने की तस्दीक होते ही मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे को मुबारकबाद देना शुरू किया । इसके साथ ही रोजेदारों ने अपने इफ्तार व शहरी के इंतजाम के लिए बाजारों का रुख किया। इसके अलावा तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए लोग मस्जिदों में जाने की तैयारियां करने लगे । देर रात तक अधिकांश इलाकों में तरावीह की नमाज भी अदा की गई।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

यात्री सुविधा दिवस 2026 पर पटना एयरपोर्ट में हुए विविध आयोजन, यात्रियों का हुआ विशेष स्वागत

वंचितों को वरीयता’ के प्रधानमंत्री के विजन को व्यवहार में बदलेगा सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर : विजय कुमार सिन्हा

बिहार में जन्म-मृत्यु पंजीकरण को दुरुस्त करने की बड़ी पहल, यूनिसेफ-यूएनईएससीएपी के साथ कार्यशाला आयोजित