पटना में गूंजा AI का भविष्य, ‘बिहार AI समिट 2026’ का भव्य समापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; न्यूज़ क्राइम 24।<&sol;strong> राजधानी पटना के शास्त्री नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय &OpenCurlyDoubleQuote;बिहार AI समिट 2026” का शनिवार को भव्य समापन हो गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित इस ऐतिहासिक सम्मेलन ने बिहार को राष्ट्रीय और वैश्विक AI मानचित्र पर नई पहचान दिलाई। समिट का आयोजन Qlass Edtech के संस्थापक निखिल कुमार द्वारा बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सहयोग से किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन &lpar;सेवानिवृत्त&rpar; शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बिहार ने बीते 20 वर्षों में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और अब समय सूचना प्रौद्योगिकी एवं AI के क्षेत्र में आगे बढ़ने का है। उन्होंने युवाओं और आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वास्थ्य&comma; शिक्षा&comma; कृषि और आम लोगों के जीवन में AI की भूमिका बेहद प्रेरणादायक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;05&sol;img-20260525-wa00035262601521371609636-549x365&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-85820"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि AI तकनीक की मदद से पंचायत स्तर पर पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसी अशुद्धियों की पहचान की जा सकती है। साथ ही जल आपूर्ति नेटवर्क में लीकेज रोकने और &OpenCurlyQuote;हर घर नल जल’ योजना को और प्रभावी बनाने में भी AI अहम भूमिका निभाएगा। समिट का उद्घाटन 23 मई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया था। उन्होंने नालंदा और विक्रमशिला की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी में बिहार नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने AI आधारित उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन को सरकार की प्राथमिकता बताया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नितीश मिश्रा ने बिहार की AI नीति का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि बिहार देश का अग्रणी AI राज्य बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने AI के माध्यम से हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की बात कही&comma; जबकि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत स्तर तक AI पहुंचाने का विजन साझा किया। समिट में &OpenCurlyDoubleQuote;न्याय बिहार”&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;किसान AI”&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;उद्योग बिहार” और &OpenCurlyDoubleQuote;सुरक्षित बिहार” जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें AI आधारित कानूनी सहायता&comma; साइबर सुरक्षा&comma; खेती में ड्रोन तकनीक&comma; मिट्टी स्वास्थ्य निगरानी&comma; MSME सेक्टर में AI समाधान&comma; ई-गवर्नेंस और डीपफेक डिटेक्शन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दो दिनों तक चले इस समिट में देश के 25 से अधिक राज्यों के विशेषज्ञों के साथ-साथ अमेरिका&comma; यूरोप और अफ्रीका की कंपनियों ने भी भाग लिया। 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने 60 से ज्यादा स्टॉल लगाए&comma; जिनमें AI&comma; हेल्थकेयर&comma; ड्रोन टेक्नोलॉजी&comma; रोबोटिक्स और एल्डरली केयर से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की IndiaAI Mission की COO कविता भाटिया ने कहा कि भारत की AI मिशन योजना बिहार जैसे राज्यों के लिए बनाई गई है&comma; जहां जनसंख्या अधिक है&comma; चुनौतियां वास्तविक हैं और बदलाव की संभावनाएं असीमित हैं। समिट में C-DAC&comma; NIC&comma; IIT पटना&comma; Tata Technologies&comma; KPMG India&comma; BharatGPT&comma; Sarvam AI&comma; Absolute Security&comma; Mahindra EV और TP-Link जैसी प्रमुख संस्थाओं एवं कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कई कंपनियों ने बिहार में निवेश और रोजगार सृजन की इच्छा भी जताई। करीब 10 हजार प्रतिभागियों&comma; 100 से अधिक वक्ताओं&comma; 150&plus; कंपनियों और 60&plus; स्टॉल के साथ आयोजित यह समिट बिहार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। स्वास्थ्य&comma; शिक्षा&comma; कृषि&comma; न्याय&comma; उद्योग&comma; साइबर सुरक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में AI आधारित विकास की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई। समिट के आयोजकों ने कहा&comma; यह केवल एक कार्यक्रम नहीं&comma; बल्कि बिहार की संभावनाओं की उद्घोषणा है। यहां बने विचार&comma; साझेदारियां और संकल्प आने वाले वर्षों में बिहार को वैश्विक AI मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाएंगे। बिहार तैयार है।<&sol;p>&NewLine;

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