कोरोना काल में उजड़ी गृहस्थी, अब मिली न्याय की रोशनी : विधवा ने रुक्मणी बिल्डटेक के खिलाफ जीता कानूनी संघर्ष

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> कोरोना काल में दीपक कुमार मिश्रा की असामयिक मृत्यु के बाद उनके नाम पर खरीदा गया फ्लैट विधवा पत्नी शिवप्रिया मिश्रा के लिए आशियाने की उम्मीद था&period;20 जून 2018 को रुक्मणी बिल्डटेक की छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स योजना में ई&sol;306 फ्लैट के लिए रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ था और एचडीएफसी बैंक से लिए गए लोन के जरिए 28 लाख रुपये की अदायगी भी हो चुकी थी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दीपक मिश्रा के निधन के बाद इंश्योरेंस कवर के तहत बिल्डर को पूरा भुगतान कर दिया गया&comma; इसके बावजूद रुक्मणी बिल्डटेक के अधिकारियों ने विधवा को उनका कानूनी हक़ देने से इनकार कर दिया&period;सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब फ्लैट को धोखे से प्रशांत कुमार नामक व्यक्ति को 37 लाख रुपये में बेच दिया गया और एलआईसी हाउसिंग से नए खरीदार को लोन भी दिलवा दिया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिवप्रिया मिश्रा ने जब न्याय की मांग की&comma; तो उन्हें ठगे जाने की पीड़ा के साथ-साथ उपेक्षा और धोखाधड़ी का भी सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी&period; एचडीएफसी बैंक की मदद से कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार मजिस्ट्रेट व पुलिस की सहायता से अपने पति के नाम पर खरीदे गए फ्लैट पर कब्जा बहाल करवाया&period;<&sol;p>&NewLine;

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