नियम विरुद्ध निकाले गए टेंडर को रद्द किया जाना पार्षदों की एकता की जीत

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> नगर विकाश विभाग बिहार सरकार के तुगलकी अलोकतांत्रिक आदेश के तहत नगर निगम की सभी निर्धारित प्रकिया और स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा कर पटना नगर निगम के क्षेत्र में 120 करोड़ की योजना का मन माने ढंग चयन कर निकली गई नियम विरूद्ध टेंडर को पटना नगर निगम द्वारा रद्द कर दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना नगर निगम के क्षेत्र निकाले गए टेंडर को माननीय उच्च न्यायालय में भी पार्षद विनय कुमार पप्पु&comma; स्वेता रंजन&comma; अनिता देवी&comma; ज्ञानवति देवी&comma; सारिका देवी&comma; रजनीकांत के द्वारा चुनौती दी गई थी जिस पर संज्ञान लेते हुए माननीय न्यायालय ने चार सप्ताह में नगर निगम पटना को जबाब दाखिल करने का निर्देश जारी किया था। 09 अक्टूबर को नगर निगम पटना पर्षद की 07 वीं साधारण बैठक में पार्षद विनय कुमार पप्पु द्वारा नियम विरुद्ध निकाले गए टेंडड को रद्द करने का प्रस्ताव रखा गया जिसका बैठक में उपस्थित सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। नियम विरुद्ध निकाले गए टेंडर को रद्द किया जाना पार्षदों की एकता की जीत है।<&sol;p>&NewLine;

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