पहाड़ों पर बर्फबारी का असर : भयंकर ठंड और बर्फीली हवाओं से पूरा बिहार ठिठुरा…

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब उत्तर भारत के मैदानी राज्यों पर पूरी तरह दिखने लगा है&period; उत्तर प्रदेश&comma; बिहार&comma; झारखंड समेत आसपास के इलाकों में बर्फीली और तेज ठंडी हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है&period; हालात की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने ठंड से बच्चों को बचाने के उद्देश्य से आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 26 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है&period; ठंड और कोहरे की मार ने आम लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल कर रख दिया है&period;कई इलाकों में विजिबिलिटी 10 से 15 मीटर तक सिमट गई&comma; जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए&period; सुबह और देर रात आवाजाही करने वाले लोगों&comma; दिहाड़ी मजदूरों&comma; स्कूली बच्चों और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में शीत दिवस यानी कोल्ड-डे की स्थिति बनी हुई है&period; पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्द हवाएं तेजी से बह रही हैं&period; इन हवाओं में नमी होने के कारण ठंड &OpenCurlyDoubleQuote;हाड़ कंपा देने वाली” महसूस हो रही है&period; लोग इसे हर का पानी वाली ठंड बता रहे हैं&comma; जिसमें शरीर के अंदर तक ठिठुरन महसूस हो रही है&period; बिहार के लगभग सभी जिले इस भयंकर ठंड की चपेट में हैं&period; दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहने से पूरे दिन कंपकंपी बनी हुई है और लोगों को धूप न निकलने के कारण कोई राहत नहीं मिल पा रही है। बिहार में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है&period; ठंडी पछुआ हवा&comma; लगातार धूप की कमी और घने कोहरे के कारण हालात दिन-ब-दिन और गंभीर होते जा रहे हैं&period; मंगलवार को पटना इस सर्द मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया&period; सुबह 6 बजे तक राजधानी में रात जैसी स्थिति बनी रही और 8 बजे के बाद लोगों को सुबह होने का एहसास हुआ&period; दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए और पूरा दिन लो-विजिबिलिटी व घने कोहरे की चादर में बीता।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीते 24 घंटों के दौरान गया में न्यूनतम तापमान गिरकर 7&period;8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया&comma; जबकि इससे पहले तापमान 4 डिग्री तक पहुंचने की रिपोर्ट ने ठंड की तीव्रता का अंदाजा पहले ही दे दिया था&period; राजगीर&comma; जहानाबाद&comma; जमुई&comma; नालंदा&comma; शेखपुरा समेत कई जिलों में भीषण ठंड का प्रकोप जारी है&period; दिन और रात के तापमान में बहुत अधिक अंतर नहीं होने के कारण लोगों को पूरे दिन कनकनी का एहसास हो रहा है। पटना&comma; गया और भागलपुर समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा&period; गया में न्यूनतम दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई&period; पटना&comma; गया&comma; राजगीर&comma; जहानाबाद&comma; जमुई&comma; नालंदा&comma; शेखपुरा&comma; भागलपुर&comma; खगड़िया&comma; बेगूसराय&comma; मधेपुरा&comma; किशनगंज और आसपास के जिलों में घना कोहरा लगातार बना हुआ है&period; कई जगहों पर विजिबिलिटी 10 से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई है&period; मंगलवार की सुबह राजधानी पटना में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए। ठंड का असर अब आम जनजीवन की रोजमर्रा की गतिविधियों पर साफ नजर आने लगा है&period; लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके हुए हैं और केवल जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं&period; सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो गई है और बाजारों में भी पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिख रही है&period; दुकानदार अलाव के सहारे बैठे नजर आ रहे हैं&comma; वहीं ग्राहक भी जल्दी-जल्दी खरीदारी कर घर लौट रहे हैं&period; मजदूर वर्ग&comma; रिक्शा चालक और राहगीरों के लिए यह ठंड सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से चौक-चौराहों&comma; बस स्टैंड और प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है&period; इसके साथ ही लोग अपने स्तर से भी लकड़ी&comma; उपले और अन्य साधनों से आग जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं&period; कई इलाकों में लोग अलाव के आसपास बैठकर हाथ सेंकते और अपने रोजमर्रा के काम निपटाते नजर आ रहे हैं। ठंड और घने कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है&period; कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं&comma; जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है&period; राजधानी और एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार भी कम हो गई है&period; वहीं पटना एयरपोर्ट पर भी दर्जनों उड़ानों में देरी दर्ज की गई है&period; यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और हवाई सेवाएं भी प्रभावित रहीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम विभाग ने 27 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा और शीत दिवस की चेतावनी जारी की है&period; विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय यात्रा से बचने&comma; गर्म कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है&period; चिकित्सकों ने भी ठंड से होने वाली बीमारियों&comma; खासकर सर्दी&comma; खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में करीब 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय जेट स्ट्रीम के कारण पहाड़ों की ठंडी हवा सीधे मैदानी इलाकों तक पहुंच रही है&period; इसी वजह से बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में लगातार कोल्ड-डे की स्थिति बनी हुई है&period; आने वाले कुछ दिनों तक घना कोहरा और ठंडी बर्फीली हवाओं का असर जारी रहने की संभावना जताई गई है। कुल मिलाकर पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर बिहार में पूरी तरह दिखाई दे रहा है&period; बर्फीली हवाओं&comma; घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को मानो ठहर सा दिया है&period; सड़कों से लेकर बाजार और परिवहन व्यवस्था तक सब कुछ इस भीषण ठंड से प्रभावित है&period; मौसम विभाग की चेतावनी के बीच फिलहाल लोगों को अभी कुछ और दिन इस कड़ाके की ठंड का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।<&sol;p>&NewLine;

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