महिला-बाल विकास पर शेखपुरा जिला स्तरीय कार्यशाला,डीएम ने दिए अंतर-विभागीय समन्वय के निर्देश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शेखपुरा&comma;  à¤‰à¤®à¥‡à¤¶ कुमार <&sol;strong>&colon; महिला एवं बाल अधिकारों के संरक्षण&comma; लैंगिक समानता तथा सरकारी विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय स्थित &&num;8216&semi;मंथन&&num;8217&semi; सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह कार्यशाला जिला प्रशासन&comma; शेखपुरा एवं संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष &lpar;UNFPA&rpar; के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद&comma; पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु&comma; उप विकास आयुक्त श्री राकेश कुमार एवं UNFPA बिहार के राज्य प्रमुख मो&period; ख्वाजा सादात नूर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं पौधा देकर किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>विशेषज्ञों ने दी कानूनी जानकारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता एवं CNLU की अतिथि संकाय डॉ&period; मीता मोहिनी ने जिलास्तरीय रिस्पॉन्स सिस्टम पर सत्र लिया। उन्होंने <em>बाल विवाह निषेध अधिनियम&comma; पॉक्सो एक्ट&comma; घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम एवं बालिका मानव तस्करी रोकथाम<&sol;em> जैसे कानूनों की बारीकियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व पर विस्तार से चर्चा की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>डीएम का निर्देश &colon; संवेदनशील होकर करें काम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल एक विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज कल्याण&comma; पुलिस&comma; न्यायपालिका&comma; शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संवेदनशील होकर कार्य करें ताकि पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उप विकास आयुक्त श्री राकेश कुमार ने कहा कि जिला स्तर पर चल रही सरकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>UNFPA बिहार के राज्य प्रमुख श्री ख्वाजा सादात नूर ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में सिविल सर्जन&comma; अनुमंडल पदाधिकारी&comma; जिला पंचायत राज पदाधिकारी&comma; विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि&comma; पुलिस अधिकारी एवं महिला-बाल कल्याण से जुड़े हितधारक उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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