102 वर्ष की उम्र में वरिष्ट वामपंथी नेता कामरेड कालीचरण दास का निधन, गांव में शोक की लहर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। फुलवारी प्रखंड के सुईथा गांव के वरिष्ट वामपंथी नेता और भाकपा माले के समर्पित कार्यकर्ता कामरेड कालीचरण दास का 102 वर्ष की उम्र में निधन हो गया&period; उनके निधन से पूरे गांव और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कामरेड कालीचरण दास के पार्थिव शरीर की शव यात्रा में भाकपा माले के कई वरिष्ट नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए&period; इस दौरान &OpenCurlyDoubleQuote;कामरेड कालीचरण दास अमर रहें” और &OpenCurlyDoubleQuote;लाल सलाम” के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। शव यात्रा में भाकपा माले की वरिष्ट नेता कामरेड शरीफा मांझी&comma; संपतचक प्रखंड सचिव कामरेड सत्यानंद पासवान&comma; कामरेड साधु शरण प्रसाद&comma; देवी लाल पासवान&comma; ललिन पासवान सहित दर्जनों नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भाकपा माले प्रखंड सचिव गुरुदेव दास के नेतृत्व में पार्टी का झंडा पार्थिव शरीर पर अर्पित किया गया और पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर गुरुदेव दास ने कहा कि कामरेड कालीचरण दास 1980 के दशक से पूरी जिंदगी पार्टी और जनसंघर्षों को समर्पित रहे&period; उन्होंने सुईथा और आसपास के इलाकों में सामंती ताकतों के खिलाफ संघर्ष किया और गरीबों&comma; दलितों तथा शोषितों की मुखर आवाज बने रहे। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि कामरेड कालीचरण दास के अधूरे सपनों को पूरा करते हुए सामंती और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा और गरीबों व वंचितों के हक की लड़ाई आगे बढ़ाई जाएगी।<&sol;p>&NewLine;

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