ग्रामीणों के उग्र आक्रोश को देखते हुए प्रशासन बेरंग हाथ वापस लौट गई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">नालंदा&lpar;राकेश&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> नालंदा रहुई थाना क्षेत्र इलाके के शिवनंदननगर गांव में उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई जब अचानक पूरी प्रशासनिक तैयारी के साथ प्रशासन अतिक्रमण हटाने को लेकर गांव पहुंची। गौरतलब है कि शिवनदननगर गांव में 1989 से डेढ़ सौ घरों के लोग निवास कर रहे हैं। हाई कोर्ट के आदेश पर डेढ़ सौ घरों को तोड़ने के लिए बुधवार को पूरी प्रशासनिक तैयारी के साथ प्रशासन शिवनंदननगर गांव पहुंची। जैसे ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को ग्रामीणों ने देखा ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान चिलचिलाती धूप में करीब 1 घंटे तक ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक होती रही। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हंगामा कर रहे तीन महिलाएं भी बेहोश हो गई। जिसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर अंचलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के कारण डेढ़ सौ घरों में निवास कर रहे 800 आबादी को घर से बेघर किया जा रहा है। उग्र ग्रामीणों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया और जेसीबी मशीन के शीशे भी तोड़ दिए। फिलहाल ग्रामीणों के उग्र आक्रोश को देखते हुए प्रशासन बेरंग हाथ वापस लौट गई। ग्रामीणों ने कहा हम लोग को उजाड़ने से पहले बसाने का भी काम प्रशासन के द्वारा किया जाए।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

कानूनी जानकारी से ही संभव है न्याय तक पहुंच : एडवोकेट राहुल रंजन

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर बिहार भाजपा प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक समारोह आयोजित करेगी : लखेन्द्र पासवान‎

गौरीचक थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं…