रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड का रियल एस्टेट घोटाला उजागर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में एक बहुचर्चित घोटाले का पर्दाफाश हुआ है&comma; जिसमें रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड नामक निर्माण कंपनी पर एक ही फ्लैट को दो-दो बार बेचकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त होने का मामला सामने आया&period; इस घोटाले में कंपनी के निदेशकों&comma; प्रबंधकों&comma; कर्मचारियों के साथ-साथ कई बाहरी व्यक्ति और कई निजी संस्थाएं भी संदेह के घेरे में हैं&period; फर्जी वाड़े को उजागर करने वाली संस्था ने संबंधित सरकारी संस्थाओं को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है&period;नागरिक संगठन सिटीजंस आई फॉर नेशनल अकाउंटेंबिलिटी ने वित्त मंत्रालय&comma; आर्थिक अपराध इकाई&comma; सी बी आई एवं सभी संबंधित बैंको के प्रमुख से पत्र लिखकर जांच एवं कारवाई की मांग की है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>साथ ही ठगे गए खरीदारों को सुरक्षा और न्याय मिले&period; इस नागरिक संगठन द्वारा फर्जी वाड़े में शामिल लोगों के बारे में बताया गया है कि फर्जी वाड़ा एक ही फ्लैट को दो-दो बार बेचने के सारे दस्तावेज उनके पास मौजूद है&period; इनमे रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड के निदेशकगण—अजीत आजाद&comma; रेणु आजाद&comma; अमित कुमार चौबे&comma; मानब कुमार सिंह&comma; अशोक कुमार सिंह&comma; राजीव कुमार ठाकुर&comma; भालचंद्र झा&comma; अभिषेक अशोक कुमार तथा प्रबंधक कमलेश कुमार और अकाउंटेंट सरोज कुमार ठाकुर&ast; ने मिलकर एक संगठित योजना के तहत एक ही संपत्ति को दो अलग-अलग ग्राहकों को बेच डाला&period; ऐसा एक नहीं दर्दनाक फ्लैट में हुआ है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिन ब्लॉक और फ्लैट के फर्जीवाड़ा किया गया है उसमें संपतचक भोगीपुर के पास निर्माणाधीन एकता पुरम छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स अपार्टमेंट में ब्लॉक ई-306&comma; ब्लॉक सी-410&comma; &lpar;3&rpar; एफ-प्रथम तल कॉमर्शियल&sol; ब्लॉक एफ-101&sol;103&comma; ब्लॉक डी-504&comma; ब्लॉक ई-602&comma; ब्लॉक सी-708&comma; ब्लॉक सी-605&comma; सी-406&comma; बी-704 आदि हैं&period; इतना ही नही इन संपत्तियों पर विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया&period; जिन बैंकों की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगे हैं&comma; उनमें <em>स्टेट बैंक ऑफ इंडिया&comma; एचडीएफसी बैंक&comma; कैनरा बैंक&comma; इंडियन बैंक&comma; बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस<&sol;em> प्रमुख हैं।<&sol;p>&NewLine;

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