पटना यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हंगामा, MJMC के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; न्यूज़ क्राइम 24।<&sol;strong> पटना विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह शनिवार को पटना वीमेंस कॉलेज स्थित मदर वेरोनिका ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में पीजी सत्र 2023-25 के 38 टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें 28 छात्राएं और 10 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा 155 पीएचडी डिग्री धारकों समेत कुल 1305 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। समारोह में राज्यपाल सह कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय&comma; गोरखपुर की कुलपति प्रो&period; पूनम टंडन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दीक्षांत समारोह के दौरान उस समय हंगामा हो गया&comma; जब पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के पूर्व छात्र-छात्राओं ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि समारोह में अन्य विभागों के विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई&comma; लेकिन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को शपथ से अलग रखा गया। छात्रों के मुताबिक&comma; जब कार्यक्रम समाप्ति की ओर बढ़ रहा था&comma; तब उन्होंने आयोजकों और संबंधित प्रबंधकों से शपथ दिलाने की मांग की। छात्रों ने कई बार संबंधित प्रबंधक को बुलाने का आग्रह करते हुए बताया कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों की शपथ छूट गई है। आरोप है कि उनकी मांग पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया&comma; जिसके बाद छात्रों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विरोध कर रहे MJMC के छात्रों ने विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि विभाग में पढ़ाई और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रैक्टिकल के लिए जरूरी कमरा तक उपलब्ध नहीं है&comma; जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्रों ने मांग की कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और विद्यार्थियों को अन्य विभागों की तरह आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वहीं दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों के विरोध के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ने के बाद राज्यपाल सह कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन के कार्यक्रम से अपना संबोधन दिए बिना लौटने की बात सामने आई। घटना के बाद समारोह में छात्रों के विरोध का मामला चर्चा का विषय बन गया। छात्रों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं&comma; बल्कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके साथ समान व्यवहार की मांग को लेकर था।<&sol;p>&NewLine;

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