बिहार में सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्तार, मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने की समीक्षा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>पथ निर्माण मंत्री इं&period; कुमार शैलेन्द्र ने विभागीय सभागार में उत्तर बिहार&comma; दक्षिण बिहार एवं सीमांचल उपभाग के तहत संचालित सड़क एवं पुल परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में सड़क निर्माण&comma; चौड़ीकरण&comma; सुदृढ़ीकरण और कनेक्टिविटी बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि आशियाना मोड़ से ईदगाह तक सड़क चौड़ीकरण कार्य इसी माह पूरा करने का लक्ष्य है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं मीठापुर-अनिसाबाद-खगौल रोड स्थित बापू टावर के आसपास सड़क निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। भगवत मिलन मंदिर चौराहा मार्ग का सुदृढ़ीकरण 30 जून तक पूर्ण होने की संभावना है। बैठक में राजगीर बाईपास के माध्यम से एनएच-32 को 2 लेन से 4 लेन में परिवर्तित करने&comma; आरा-मोहनिया रोड पर कोचस बाईपास निर्माण तथा उत्तर बिहार में एकमा-मसरख रोड चौड़ीकरण परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। तेघरा-मुबारकपुर रोड एवं पुल निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सीमांचल क्षेत्र में अररिया&comma; कटिहार&comma; किशनगंज और बांका जिले में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का कार्य तेजी से चल रहा है। भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत फतेहपुर से गलगलिया तक सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में संपर्कता बेहतर होगी&comma; यात्रा का समय कम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कार्यों में देरी और लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।<&sol;p>&NewLine;

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