15 अगस्त पर सामने आई इंसानियत की अलग तस्वीर, थानाप्रभारी के साथ मासूमों ने दी तिरंगे को सलामी

&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&comma; रॉबीन राज। <&sol;strong>अग्निकांड में घायल हुए दो मासूम बच्चों की देखभाल कर पटना पुलिस ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की है। अब दोनों बच्चे अस्पताल में नहीं&comma; बल्कि चौक थाना में रहकर अपनी जिंदगी यापन कर रहे हैं&comma; जहां पुलिसकर्मी उनकी देखभाल से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हरसंभव मदद कर रहे हैं। वहीं&comma; स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आज चौक थाना से इन मासूमों की एक अलग तस्वीर सामने आई&comma; जब थाना प्रभारी राजकिशोर सिंह ने दोनों बच्चों के साथ तिरंगे को सलामी दी। नन्हे हाथों में तिरंगा और साथ में खड़े थाना प्रभारी की यह तस्वीर सिर्फ स्वतंत्रता दिवस समारोह की तस्वीर नहीं&comma; बल्कि एक ऐसे रिश्ते की कहानी भी बयां करती है&comma; जहां मुश्किल वक्त में पुलिस इन मासूमों के लिए सहारा बनी हुई है। इस मौके की तस्वीर यह संदेश देती नजर आई कि किसी बच्चे के सिर से अपनों का साया उठ जाने के बाद भी वह अकेला नहीं होता। अगर समाज और व्यवस्था साथ खड़ी हो&comma; तो मुश्किल परिस्थितियों में भी मासूमों को आगे बढ़ने का सहारा मिल सकता है।<br><br><strong>थाना में ही बच्चों की हो रही देखभाल<&sol;strong>&&num;8211&semi;<br><br>दोनों मासूमों के परिवार पर आई इस त्रासदी के बाद चौक थाना पुलिस ने उन्हें अकेला नहीं छोड़ा। बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी पुलिसकर्मियों ने अपने ऊपर ले रखी है। महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मिलकर बच्चों की जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। उनके खाने-पीने&comma; रहने और रोजमर्रा की आवश्यकताओं में पुलिसकर्मी लगातार सहयोग कर रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी सत्यम सहाय और चौक थानाप्रभारी राजकिशोर सिंह की पहल पर पुलिसकर्मियों ने आर्थिक रूप से भी सहयोग किया। पुलिसकर्मियों की ओर से करीब 2&period;5 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा समाजसेवी और स्थानीय लोग भी अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों की मदद के लिए आगे आए हैं।<br><br><strong>क्या था पूरा मामला-<&sol;strong><br><br>दरअसल&comma; पटना सिटी के चौक थाना क्षेत्र के राजा बाबू गली में बीते 20 मई को एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ था। पुलिस के अनुसार&comma; कन्हैया कुमार अपनी पत्नी&comma; सास-ससुर और बच्चों को लेकर हुए विवाद के बाद पेट्रोल लेकर घर पहुंचा और आरोप है कि उसने सभी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस दौरान आरोपी खुद भी आग की चपेट में आ गया था। घटना में इलाज के दौरान गोविंद अग्रवाल के पिता पुरुषोत्तम प्रसाद&comma; उनकी मां नीलम देवी और मुख्य आरोपी कन्हैया कुमार की मौत हो गई थी। वहीं कन्हैया की पत्नी मोनी उर्फ प्रिया और दोनों बच्चे घायल हो गए थे&comma; जिसके बाद उनकी भी मौत हो गई।<&sol;p>&NewLine;

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