टीकाकरण के पश्चात सामान्य प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग जरूरी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;strong>  टीका आमतौर पर बेहद सुरक्षित होते हैं। लेकिन कुछ एक मामलों में आम दवाओं की तरह टीकों के उपयोग के बाद प्रतिकूल घटनाएं संभावित है।टीकाकरण के बाद किसी अप्रिय चिकित्सकीय घटना के लिए महज टीका ही जिम्मेदार नहीं हो सकता है। इसके कई अन्य कारण हो सकते हैं। इस तरह की तमाम घटनाओं की रिपोर्टिंग किया जाना जरूरी है&comma; ताकि इसकी जांच करते हुए इस तरह के किसी घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। जिले में टीकाकरण के बाद होने वाले किसी किसी तरह के प्रतिकूल घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के प्रति विभाग सजग है। टीकाकरण संबंधी किसी तरह के प्रतिकूल घटनाओं पर प्रभावी निगरानी के लिये जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी की अध्यक्षता में एडवर्स इवेंट फॉलोइिंग कमेटी घटित है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> जो इसकी निगरानी व नियंत्रण के लिये जिम्मेदार है। हाल ही में कमेटी की बैठक में टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई जरूरी निर्णय लिये गये हैं&period; सभी स्वास्थ्य कर्मियों को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित एएनएम की साप्ताहिक बैठक में इसके सफल क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है&period; इसी कड़ी में अररिया पीएचसी आयोजित एएनएम की साप्ताहिक समीक्षात्मक बैठक में भाग लेते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने स्वास्थ्य कर्मियों को कई जरूरी निर्देश दिये।<br>टीका के बाद सामान्य प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग जरूरी<br>जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को ये निर्देशित किया कि उप्रखंड अधिन सभी टीकाकरण सत्रों पर एनाफाइलेक्सिस किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाये&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके उपरांत हीं कोल्ड चैन कक्ष से वैक्सीन का वितरण किया जाये&period; किट में एडरनिल की इक्सपाइयरी डेट की जांच नियमित अंतराल पर किया जाना चाहिये&period; उन्होंने बताया कि एचआईएमएस डेटा से ये स्पष्ट है कि टीकाकर्मी टीकाकरण के बाद सामान्य प्रतिकूल घटनाओं की रिपोटिंग के प्रति उदासीन हैं&period; प्रखंड स्तरीय डेटा वेलिडेशन कमेटी का ध्यान भी इस ओर नहीं जा रहा है&period; इसमें तत्काल सुधार की जरूरत है&period; उन्होंने टीकाकरण के बाद सामान्य से सामान्य प्रतिकूल घटनाएं जैसे इंजेक्क्शन स्थल पर दर्द&comma; लालिमा&comma; सूजन&comma; बुखार सहित अन्य घटनाओं की आवश्यक रूप रिपोर्टिंग सुनिश्चित कराया जाये&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीकाकरण से पूर्व रखें खास बातों का ध्यान<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>पीएचसी प्रभारी डॉ पंकज कुमार निराला ने स्वास्थ्य कर्मियों को बताया कि टीका लगाने से पहले आवश्यक रूप से बच्चे के स्वास्थ्य परिस्थितियों की जांच सुनिश्चित करें&period; स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर तत्काल टीका को टाला भी जा सकता है&period; बच्चे को उनकी आयु के आधार पर टीकाकरण कलेंडर के अनुसार टीका लगाना सुनिश्चित करें&period; टीका लगाने से पहले पिछले टीका के रिकार्ड की जांच जरूरी है। टीकाकरण के बाद किसी तरह की प्रतिकूल घटनाओं के संबंध में उन्होंने तत्काल विभाग को सूचित करने व इसकी रिपोर्टिंग सुनिश्चित कराने का निर्देश उन्होंने दिया। मौके पर बीएचएम खतीब अहमद&comma; बीसीएम डोली सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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