राजा सलहेश केवल नाम नहीं, दलित चेतना की मशाल हैं : अरुण मांझी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> फुलवारी विधानसभा क्षेत्र के चुहरमलनगर में रविवार को राजा सलहेश जयंती समारोह बड़े ही श्रद्धा&comma; सम्मान और सामाजिक जागरूकता के साथ मनाया गया&period; इस अवसर पर बिहार राज्य महादलित आयोग के पूर्व सदस्य एवं पूर्व विधायक अरुण मांझी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह की शुरुआत बाबा चुहरमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई&period; इस दौरान उपस्थित नेतागण और गणमान्य नागरिकों ने सामाजिक समरसता और ऐतिहासिक स्मृति के प्रतीक इन दोनों महापुरुषों को नमन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपने संबोधन में अरुण मांझी ने कहा कि राजा सलहेश केवल इतिहास के पन्नों का एक नाम नहीं&comma; बल्कि एक विचारधारा हैं&period; वे सामाजिक न्याय&comma; दलित स्वाभिमान और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं&period; आज के युवाओं को उनकी परंपरा से जुड़कर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाना चाहिए&period; उन्होंने कहा कि राजा सलहेश जैसे व्यक्तित्वों को केवल उत्सव के रूप में नहीं&comma; बल्कि आंदोलन और चेतना के रूप में अपनाना होगा&comma; तभी समाज में व्याप्त असमानता और बहिष्कार की मानसिकता का अंत हो सकेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे&period; इनमें प्रमुख रूप से रामानंद पासवान&comma; मुंदिरिका राम&comma; वकील साहब&comma; भाजपा नेता अशोक सिंह&comma; जदयू नेता सुमित कुशवाहा&comma; छोटू सिंह&comma; सतीश सिंह&comma; पप्पू सिंह&comma; जीतबाहन पासवान&comma; रामबली राम&comma; महेंद्र पासवान&comma; भाजपा नेता राजकुमार पासवान&comma; सोनू कुमार&comma; राजन कुमार&comma; सुधांशु कुमार शब्द&comma; धीरज पासवान&comma; शंकर पासवान&comma; शैलेश लाल मांझी सहित सैकड़ों की संख्या में आमजन और युवा कार्यकर्ता शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;

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