आईएसएचटीएच कार्यक्रम के तहत मंडल कारा में 1163 लोगों की हुई समुचित जांच

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> राज्य एड्स नियंत्रण समिति पटना के निर्देशानुसार मंडल कारा अररिया में संचालित दस दिवसीय आईएसएचटीएच यानी एकीकृत सिफलेसिस&comma; एचआईवी&comma; टीबी व हेबेटाइटिश कैंपेन सोमवार को संपन्न हुआ। इस क्रम में मंडल कारा के कुल 1163 बंदी व कर्मियों समुचित जांच की गयी। वहीं अभियान के क्रम में पर्यवेक्षण गृह के 37 बच्चों की जांच संभव हो पाया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डीपीएम एड्स अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि हालिया अध्ययन में ज्ञात हुआ है कि एचआईवी&comma; यौन संचारित संक्रमण&comma; हेपेटाइटिस बी व सी सहित टीबी रोग का प्रसार का खतरा सामान्य आबादी की तुलना में जेल की आबादी में बहुत अधिक है। लिहाजा पूरे देश में आईएसएचटीएच विशेष कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। ताकि संदेहास्पद रोगियों को चिह्नित करते हुए समुचित इलाज की सुविधा उन्हें उपलब्ध कराया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कारा के कैदी उच्च जोखिम वाले समूह में शामिल<br &sol;>कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी व सीडीओ डॉ वाईपी सिंह ने बताया कि कारा में बंद कैदियों के बीच उच्च जोखिम वाला व्यवहार&comma; असुरक्षित यौन संबंध&comma; नशीली दवाओं का सेवन&comma; जबरदस्ती&comma; हिंसा&comma; खराब मानसिक स्वास्थ&comma; कारावास में रहने वाले कैदियों की जीवनशैली उन्हें एचआईवी-एड्स&comma; एसटीआई&comma; टीबी व हेपेटाइटिस रोग के लिहाज से जोखिम में डालता है। उच्च जोखिम वाले चिह्नित इस समूह तक उपलब्ध चिकित्सकीय सेवाओं की आसान पहुंच व शीघ्र उपचारित करने के उद्देश्य से देश के सभी जेलों में आईएसएचटीएच कार्यक्रम संचालित करते हुए सघन जांच अभियान सह जागरूकता अभियान संचालित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अभियान के क्रम में करीब 12 सौ लोगों की हुई जांच<br &sol;>जिला टीबी समन्वयक दामोदर शर्मा ने बताया कि मंडल कारा में संचालित दस दिवसीय इस विशेष अभियान के क्रम में मंडल कारा में नौ दिन व पर्यवेक्षण गृह में एक दिन इस विशेष अभियान का संचालन किया गया। इस क्रम में मंडल कारा में कार्यरत कर्मी व बंद कैदियों को मिलाकर कुल 1163 लोगों की समुचित जांच की गयी। साथ ही पर्यवेक्षण गृह के कुल 33 बच्चों का अभियान के क्रम में जांच संभव हो पाया। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मंडल कारा में 66 लोगों के एचआईवी जांच में सभी रिपोर्ट निगेटिव मिले। वहीं सिफलेसिस के 38&comma; हेपेटाइटिश बी के 16 व हेपेटाइटिश सी के 04 संदिग्ध मरीज मिले। अभियान के क्रम में टीबी के 37 संभावित मरीजों को चिह्नित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी। अभियान की सफलता में अभियान के जिला पर्यवेक्षक साहिद फरहान&comma; एसटीएस अविनाश भाष्कर&comma; काउंसेलर नदीम अहमद&comma; काउंसेलर शिव कुमार सहगल&comma; एलटी विजय कुमार&comma; मो तौसीम व फर्मासिस्ट मो इमरान ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।<&sol;p>&NewLine;

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