नवनिर्मित मंदिर में स्थापना को लेकर जोर शोर से चल रही है तैयारी

&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> जिले के फुलकाहा बाजार नया टोला नवाबगंज&comma; वार्ड संख्या पांच में स्थित माता शीतला मंदिर&lpar;गह्वर&rpar;का पुनर्निर्माण लोगों द्वारा किया गया है।यह मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना है&comma;जो पहले छोटे से टिन की छत वाले भवन के रूप में था।स्थानीय लोगों ने इस मंदिर का नव निर्माण कर इसे भव्य रूप प्रदान कर दिया है।यहां के लोगों की इस मंदिर में सदा से गहरी आस्था रही है।इस संदर्भ में कलश यात्रा&comma; भगवती मां की स्थापना कार्यक्रम एवं अष्टयाम संकीर्तन के लिए जोर सोर से तैयारी चल रही है।<br>कार्यक्रम के संबंध में मंदिर कमेटी के स्वयंसेवकों ने बताया कि दिनांक-24 जुलाई 2021 शनिवार को आषाढ़ पूर्णिमा समय करीब सुबह 5&colon;00 बजे कलश यात्रा का आयोजन किया गया साथ ही माता की स्थापना कार्यक्रम के बाद 25 जुलाई से 48 घंटे का अष्टयाम संकीर्तन का आयोजन भी किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंदिर में कई तैयारियां जोर शोर से जारी है- भव्यता के लिए टाइल्स&comma; रंग रोगन&comma; पंडाल निर्माण&comma; साफ-सफाई&comma; कलश यात्रा के लिए गमन पथ एवं जल धारण स्थल का चयन समिति के द्वारा किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>क्या कहते हैं स्थानीय श्रद्धालु-<&sol;strong><br>बुजुर्ग समाजसेवी शिव प्रसाद साहा ने बताया कि यह माता की मंदिर करीब 100 साल पुराना है और यह हमलोगों की आस्था से जुड़ा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ राजीव कु० साहा कहते हैं इस मंदिर में सच्चे दिल से जो भी लोग मनोकामना मांगते हैं उनकी मनोकामना पूर्ण होती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय शिक्षक अरविंद कुमार कहते हैं कि शीतला मां भगवती का एक रूप है&comma; जो हम सबके मन को शीतल बनाती है&comma; इस मंदिर से आस्था रखने वाले लोगों को बुरी नजर से बचाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चंदा देवी बताती है माता के मंदिर में हम लोग बरसों से पूजा-अर्चना करते आए हैं। माता हर मनोकामना पूर्ण करती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कल्पना देवी गृहिणी ने कहा कि माता की कृपा से हम लोगों का जीवन सुखमय है।इस मंदिर से हमलोगों की आस्था बर्षो पुरानी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राजू मंडल बताते हैं कि हम लोग बचपन से ही इस मंदिर को देखते आए हैं। इस मंदिर से आस्था रखने वाले सभी लोगों की मनोकामना पूर्ण हुई है।<&sol;p>&NewLine;

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