भीषण ठंड की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे हैं लोग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जिले में ठंड का प्रकोप जारी है। तापमान में लगातार गिरावट हो रही है&period; इस कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। हाल के दिनों में सर्दी&comma; जुकाम&comma; फ्लू&comma; निमोनिया व दिल के दौरे जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। हर दिन इन बीमारियों के शिकार सैकड़ों लोग इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंच रहे हैं। सदर अस्पताल सहित जिले के अन्य प्रमुख अस्पतालों में इन बीमारियों के मरीजों का आना तेज हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो भीषण ठंड के इस मौसम में हर उम्र के लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती खड़ी कर सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दिल की सेहत का रखें विशेष ध्यान<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि जाड़े के दिनों में हमें अपने दिल की सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसका सबसे अच्छा तरीका शरीर को गर्म रखना&comma; अधिक समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचना व खुली जगह में किसी तरह के शारीरिक श्रम करने से परहेज करना है। इसके अलावा शराब&comma; मादक पदार्थ&comma; अधिक वसा वाले भोज्य पदार्थ व मिठाइयों के अधिक सेवन से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को दिल का दौरा पड़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है। दिसंबर के आखरी सप्ताह से लेकर जनवरी माह के अंत तक का समय हृदय रोगियों के लिए अधिक खतरनाक माना जाता है। लिहाजा इस दौरान संतुलित खान-पान व संयमित जीवन शैली है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संतुलित जीवन शैली व तनाव प्रबंधन जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय ने बताया कि अनियमित दिनचर्या&comma; असंतुलित खानपान व अधिक तनाव हृदय संबंधी रोगों आमंत्रित करता है। हृदय रोगों का ठंड के मौसम से गहरा संबंध है। ठंडा मौसम हृदय व रक्त संचार को कई तरह से प्रभावित करता है। इस मौसम में रक्त गाढ़ा हो जाता है। रक्त नलिकाएं संकरी हो जाती है। रक्त का दबाव व हृदय की धड़कन बढ़ जाती है। इससे स्टॉक का खतरा बढ़ जाता है। इनके कारण हृदय रोगी व उच्च रक्तचाप के मरीजों को ठंड से बचाव के प्रति को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बुखार&comma; सर्दी&comma; जुकाम के मरीजों में हुआ है इजाफा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिये आने वाले 30 से 35 प्रतिशत मरीज बुखार&comma; सर्दी&comma; जुकाम&comma; दर्द व इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों की शिकायत लेकर आते हैं&period; उन्होंने बताया की ओपीडी में हर दिन 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। संबंधित रोगियों के इलाज से जुड़ी समुचित इंतजाम अस्पताल में उपलब्ध है। मरीजों को समुचित जांच के साथ जरूरी चिकित्सकीय परामर्श व दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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