लीबिया में फंसे हैं पटना के प्रोफेसर संजीव

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना &comma; अजित<&sol;strong> &colon; पटना के राजेंद्र नगर इलाके के निवासी प्रोफेसर संजीव कुमार लीबिया के यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी विभाग में प्रोफेसर हैं&comma; जो वापस बिहार आने के लिए बेकरार है लेकिन किन्हीं कारणों से बिहार नहीं आ पा रहे हैं&period; इसके लिए वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर गुहार लगा रहे हैं&period; प्रोफेसर संजीव के कई सारे दोस्त पटना में नामचीन अख़बारों में वरिष्ठ पत्रकार और कई शिक्षक भी है लेकिन इन लोगों से कई बार अपनी पीड़ा का इजहार करने के बावजूद उन लोगों ने उनकी कोई मदद नहीं की&period; इनका कहना है कि पटना सहित देश और कई विदेशी मुल्कों में उनके सहपाठी और उनके स्टूडेंट अपने-अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>खंड का स्पष्ट कहना है कि पिछले 10 वर्षों से अपने वतन लौट के लिए वह हर संभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन आखिर क्या परेशानी है क्या तकनीकी खानी है या भी नहीं बताया जा रहा है और ना ही उन्हें बिहार लौटने दिया जा रहा है&period; प्रोफेसर संजू ने बताया कि वह जिस मुल्क लीबिया में रहते हैं वहां के एंबेसी से लेकर भारतीय दूतावास तक वह संपर्क बनाए हुए हैं इन सब बातों से इतना जरूर पता चलता है कि कहीं ना कहीं बिहार से सरकारी स्तर पर कुछ लोगों की साजिश है जो नहीं चाहते हैं कि वह अपने घर वापस पटना लौट कर आए&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रोफेसर संजीव का कहना है कि वर्ष 2000 में बिहार छोड़कर आया था&comma; अब पटना लौटकर व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ खिलाड़ियों को विकसित करना चाहता हूं&period; उन्होंने बताया की मैं अंग्रेजी डिपार्टमेंट में लिबिया के यूनिवर्सिटी में बतौर अंग्रेजी के प्रोफेसर के रुप में कार्यरत हूं&period;हमने अपनी मिट्टी बिहार लौटने के लिए आग्रह वर्ष 2014 से कर रहा हूं&period;मुझे रिलिव करने की बजाए&comma; मेरे वेतन को भी रोक दिया गया है&period;इस संदर्भ में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जी से भी गुहार लगा चुका हूं लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिल पाई है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रोफेसर संजीव ने बताया की मेरे पिता जी एस सी आर टी पटना के कॉलेज में प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे&period; मेरा अपना निजी मकान पटना के राजेंद्रनगर में स्थित है&period;मैं अपने बिहार लौटकर बिहार के विकास के लिए कार्य करना चाहता हूं&period; उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों से वह लीबिया देश छोड़कर आना चाहते हैं लेकिन वह वहां फंसे हुए हैं&period; इस देश से निकालने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुहार लगा रहे&period;<&sol;p>&NewLine;

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