घुटना प्रत्यारोपण के बाद दौड़े मरीज, पारस हेल्थ वॉकाथॉन में उमड़ा जनसैलाब

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> घुटनों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पारस हेल्थ द्वारा आयोजित &OpenCurlyDoubleQuote;लेट्स वॉक फॉर नी” वॉकाथॉन का रविवार सुबह सफल आयोजन किया गया। सुबह 6&colon;00 बजे पारस हेल्थ परिसर से शुरू हुई यह वॉकाथॉन आईजीआईएमएस तक आयोजित की गई&comma; जिसमें 3000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस वॉकाथॉन में शहरवासियों&comma; युवाओं&comma; वरिष्ठ नागरिकों&comma; एनसीसी&comma; एसएसबी के जवानों&comma; स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ 300 से ज्यादा ऐसे लोग शामिल हुए&comma; जो कभी घुटनों के दर्द के कारण चलने-फिरने में लाचार थे&comma; लेकिन घुटना प्रत्यारोपण के बाद अब सामान्य जीवन जी रहे हैं&period; इन प्रतिभागियों ने दौड़ लगाकर यह संदेश दिया कि सही इलाज और समय पर घुटना प्रत्यारोपण से जीवन पूरी तरह बदला जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ&period; जॉन मुखोपाध्याय&comma; अनिल कुमार एवं डॉ&period; अहमद अब्दुल हई ने हरी झंडी दिखाकर किया&period; इस अवसर पर डॉ&period; जॉन मुखोपाध्याय ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घुटनों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और नियमित वॉकिंग&comma; संतुलित आहार व समय-समय पर जांच से इनसे बचा जा सकता है। जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने कहा कि पारस हेल्थ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ जागरूकता अभियानों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है&period; उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया। वॉकाथॉन के दौरान डॉक्टरों की टीम ने प्रतिभागियों को घुटनों की देखभाल&comma; सही एक्सरसाइज और चोट से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी&period; पूरे कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देखने लायक रहा और &OpenCurlyDoubleQuote;हर कदम मजबूत घुटनों की ओर” का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित हुआ।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 123 लीटर नेपाली शराब जब्त!

विद्युत विभाग की लापरवाही से ट्रांसफॉर्मर में लगी भीषण आग, नगर पंचायत कार्यालय को 10 लाख का नुकसान

बिहार की लाइफलाइन बंद : गंगा में समाया भागलपुर विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर, वाहनों की आवाजाही पर रोक