गर्म कुंड के पानी को ठंडा कर दिया था गुरु नानक देव जी महाराज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राजगीर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong>&nbsp&semi; &&num;8216&semi;शीतल कुंड&&num;8217&semi; गुरुद्वारा गुरु नानक शीतल कुंड मुख्य रूप से अपने ठंडे पानी और ऐतिहासिक सिख विरासत के लिए विशेष है। गर्म पानी के झरनों के लिए मशहूरब राजगीर में&comma; इस स्थान पर गुरु नानक देव जी ने अपने प्रवास के दौरान ठंडे पानी की धारा निकाली थी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु सो थान सुहावा राम राजे श्री गुरु नानक देव जी महाराज 1506 में इसी पावन पवित्र स्थान राजगीर के मलमास मेले में बाला और मर्दाना के साथ आए थे और ऋषि मुनियों और श्रद्धालुओं के आग्रह पर एक गर्म कुंड के पानी को ठंडा कर दिया आज इस स्थान पर भव्य गुरुद्वारा श्री गुरु नानक शीतल कुंड बना हुआ है इस स्थान को दर्शन करने के लिए देश-विदेश के हजारों की संख्या में सभी धर्म के लोग दर्शन करने आते हैं और इस कुंड के पानी को अमृत के रूप में अपने शरीर पर छिड़कते हैं और पीते हैं इतना पवित्र जल है यहां 22 कुंड है लेकिन सिर्फ गुरु नानक शीतल कुंड का जल ही बिल्कुल शीतल और ठंडा है तो लिए इस पावन धार्मिक मलवास मेले में स्नान कर गुरु साहब के पवित्र गुरुद्वारा साहिब का दर्शन करें यह मलमास मेला सतयुग से चला आ रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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