समावेशी शिक्षा पर एकदिवसीय संगोष्ठी, नई शिक्षा नीति 2020 पर हुआ मंथन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> पटना के फुलवारी शरीफ स्थित इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग &lpar;बी&period;एड&period;&rpar; कॉलेज में सोमवार को &OpenCurlyDoubleQuote;नई शिक्षा नीति 2020 में समावेशी शिक्षा की दृष्टि एवं प्रावधान” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया&period; यह कार्यक्रम आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ &lpar;आईक्यूएसी&rpar; के तत्वावधान में संपन्न हुआ&comma; जिसमें शिक्षकगण एवं प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक उद्घाटन के साथ हुई&period; महाविद्यालय के प्राचार्य आर&period; के&period; अरुण ने अपने संबोधन में समावेशी शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है&period; उन्होंने कहा कि शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराना ही समावेशी शिक्षा का मूल आधार है। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ&period; अली इमाम ने संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसकी आवश्यकता और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की&period; सह-समन्वयक डॉ&period; मंजुला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समावेशी शिक्षा के विभिन्न पहलुओं जैसे समानता&comma; संवेदनशीलता और विविधता के सम्मान पर जोर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संगोष्ठी का सफल संचालन संयोजक डॉ&period; शीबा कुमारी एवं डॉ&period; राजीव कुमार के कुशल निर्देशन में किया गया&period; इस दौरान महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे और विषय से संबंधित चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा विभिन्न विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए&period; वर्षा&comma; मोहम्मद दानिश&comma; गुरुदयाल&comma; रश्मि सिन्हा&comma; ऋषिका रंजन&comma; युवराज कुमार&comma; निवेदिता&comma; फरजाना परवीन&comma; नीतू कुमारी एवं अफसाना प्रवीण ने अपने-अपने शोध प्रस्तुत कर समावेशी शिक्षा के विविध आयामों पर प्रकाश डाला&comma; जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम का संचालन ज़ेनब और साकिब द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया&comma; जिससे आयोजन सुव्यवस्थित और आकर्षक बना रहा&period; अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ&period; इस संगोष्ठी के माध्यम से नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत समावेशी शिक्षा की अवधारणा को समझने और उसे व्यवहार में लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।<&sol;p>&NewLine;

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