राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर जिले में 04 मार्च को संचालित होगा विशेष अभियान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर जिले में आगामी 04 मार्च को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जायेगा। मौके पर 01 से 19 साल तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा का सेवन कराया जायेगा। 04 मार्च को संचालित विशेष अभियान के क्रम में दवा सेवन से वंचित बच्चों को दवा सेवन कराने के उद्देश् से 07 मार्च को मॉपअप राउंड संचालित किया जायेगा। ताकि कोई भी बच्चा दवा सेवन से वंचित नहीं रहे। कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर जरूरी प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अभियान के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाले गये सारथी रथ को डीआईओ सह एसीएमओ डॉ मोईज ने हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र भ्रमण के लिये रवाना किया। सारथी रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों का भ्रमण करते हुए लोगों को दवा सेवन के महत्व से अवगत करायेगा। ताकि अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। मौके पर एनडीडी अभियान के जिला समन्वयक शाहीद रेजा&comma; डीसीएम सौरव कुमार&comma; रमन कुमार सहित संबंधित अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जागरूकता व सामुदायिक भागीदारी से होगा अभियान सफल<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की सफलता को लेकर विभागीय स्तर से विशेष मुहिम संचालित की जा रही है। कृमि नाशक दवा सेवन के महत्व व इसके प्रति लोगों के मन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता वाहन सारथी को क्षेत्र भ्रमण के लिये रवाना किया गया है। सारथी रथ विभिन्न ग्रामीण इलाकों का भ्रमण करते हुए कृमि नाशक दवा सेवन की आवश्यकता व इसके महत्व के विषय में लोगों का जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता में सामुदायिक जागरूकता व भागीदारी जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नियमित अंतराल पर कृमि नाशक दवा का सेवन जरूरी<br &sol;>जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि पेट में कीड़े होना बच्चों की सेहत के लिये गंभीर समस्या है। इससे बच्चों में कुपोषण&comma; एनीमिया&comma; थकान&comma; पढ़ाई में ध्यान नहीं लगने जैसी समस्या होती है। पेट में पल रहे कृमि की वजह से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास अवरूद्ध होता है। उन्होंने बताया कि साल में दो बार यह विशेष अभियान संचालित किया जाता है। इस क्रम में सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय&comma; आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों को मुफ्त में एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिले में 18।25 लाख बच्चों का दवा सेवन कराने का लक्ष्य<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनडीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी शाहीद रेजा ने बताया कि अभियान के क्रम में जिले में 01 से 19 साल आयु वर्ग के 18 लाख 25 हजार से अधिक बच्चों का दवा सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित है। निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिये विभिन्न स्तरों पर जरूरी प्रयास किये गये हैं। ताकि शत प्रतिशत बच्चों का दवा सेवन सुनिश्चित कराया जा सके। डीसीएम सौरव कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि अभियान के क्रम में अररिया प्रखंड अंतर्गत 3&period;26 लाख&comma; भरगामा में 1&period;36 लाख&comma; जोकीहाट में 2&period;40 लाख&comma; नरपतगंज में 2&period;12 लाख&comma; फारबिसगंज में 3&period;7 लाख&comma; रानीगंज में 2&period;30 हजार&comma; कुर्साकांटा में 1&period;3 लाख&comma; पलासी में 1&period;55 लाख&comma; सिकटी में 1&period;1 लाख से अधिक बच्चों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित है।<&sol;p>&NewLine;

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