सुखद शनिवार में बच्चों ने कबाड़ से बनाई सुंदर राखियां, सीखीं स्वच्छता और रचनात्मकता की बातें

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत<&sol;strong>। बच्चों के लिए शनिवार का दिन खास होता है&period; इस दिन उन्हें नियमित पढ़ाई से अलग रखकर स्वच्छता&comma; जीव-जंतुओं से प्यार&comma; कबाड़ से जुगाड़ कर क्राफ्ट बनाना&comma; डांस&comma; गीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का हुनर सिखाया जाता है&period; शिक्षिका नीतू शाही के मार्गदर्शन में आयोजित सुखद शनिवार का बच्चे पूरे सप्ताह बेसब्री से इंतजार करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिक्षिका नीतू शाही ने बताया कि शनिवार को बच्चों को विद्यालय में अपनी मर्जी और रुचि के अनुसार रचनात्मक कार्य करने का अवसर दिया जाता है&period; इससे बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा सामने आती है और वे पढ़ाई के साथ-साथ जीवन से जुड़ी उपयोगी बातें भी सीखते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण इस बार सुखद शनिवार के तहत बच्चों के बीच राखी बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई&period; प्रतियोगिता में बच्चों ने कम खर्च में कबाड़ और उपलब्ध सामग्री का उपयोग कर एक से बढ़कर एक सुंदर राखियां तैयार कीं। नन्हे बच्चों ने अपनी मेहनत और प्यार से बनाई गई राखियों को सभी के सामने प्रदर्शित किया&period; बच्चों की रचनात्मकता देखकर शिक्षिकाएं भी काफी खुश हुईं&period; सभी बच्चों की राखियों की सराहना की गई&comma; क्योंकि हर राखी में बच्चों की मेहनत&comma; लगन और प्यार झलक रहा था।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

सैदाबाद गांव में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल, युवाओं ने 22 बीघे के तालाब किनारे लगाए 200 पौधे

हाई स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम के अंतर्गत पटना के दो बालिका उच्च विद्यालयों का भ्रमण

कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में ग्रीन डे सह सावन उत्सव, बच्चों ने बिखेरी हरियाली और संस्कृति की छटा