कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में ग्रीन डे सह सावन उत्सव, बच्चों ने बिखेरी हरियाली और संस्कृति की छटा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर&comma; पुलिस कॉलोनी&comma; अनीसाबाद में ग्रीन डे सह सावन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया&period; कार्यक्रम में बच्चों ने प्रकृति&comma; हरियाली और भारतीय लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का दिल जीत लिया&period; विद्यालय परिसर को हरे रंग की सजावट&comma; पौधों&comma; पत्तियों&comma; फूलों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों से सजाया गया था&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रबंध निदेशक उषा कुमारी और प्रधानाचार्या अंकिता कुमारी की उपस्थिति में हुई&period; ग्रीन डे के अवसर पर छात्र-छात्राएं हरे रंग की आकर्षक पोशाक पहनकर विद्यालय पहुंचे&period; नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत&comma; नृत्य और विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान बच्चों को पेड़-पौधों के महत्व&comma; स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया&period; शिक्षिकाओं ने बच्चों को बताया कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सावन उत्सव में बच्चों ने पारंपरिक गीतों और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं&period; सावन की हरियाली&comma; झूले&comma; लोकगीत और भारतीय संस्कृति से जुड़ी झलकियों ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया&period; पारंपरिक परिधानों में बच्चों की प्रस्तुतियों पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रबंध निदेशक उषा कुमारी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें प्रकृति&comma; पर्यावरण&comma; संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी जरूरी है&period; ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाचार्या अंकिता कुमारी ने कहा कि ग्रीन डे और सावन उत्सव बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का भी अवसर है&period; बचपन से ही बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;

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