शेखपुरा गांव के किसान के बेटे नीतीश कुमार ने जेएनयू में बजाया डंका, छात्रसंघ चुनाव में चुने गए अध्यक्ष

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर &colon;<&sol;strong> छात्रसंघ चुनाव में कांटे की टक्कर में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फ्रंट &lpar;एआइएसए-डीएसएफ&rpar; के वामपंथी गठबंधन ने आइसा के नीतीश कुमार को जेएनयूएसयू अध्यक्ष घोषित किया। वहीं डीएसएफ की मनीषा उपाध्यक्ष चुनी गईं&comma;डीएसएफ की हीं मुन्तेहा ने महासचिव पद जीता और एबीवीपी के वैभव मीना जॉइंट सेक्रेटरी चुने गए। बता दें कि जेएनयू छात्र संघ चुनाव में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन &lpar;आइसा&rpar; के छात्र नेता नीतीश कुमार ने संघ परिवार के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद &lpar;एबीवीपी&rpar; की शिखा स्वराज को हरा दिया है। मालूम हो कि जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन में अररिया जिले के भरगामा प्रखंड क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी किसान प्रदीप यादव के बेटे नीतीश जिन धनंजय कुमार की जगह लिए&comma;वो भी बिहार के गया के रहने वाले हैं। नीतीश और धनंजय से पहले बिहार से गया के तनवीर अख्तर&comma;कटिहार के शकील अहमद खान&comma;सिवान के चंद्रशेखर प्रसाद और बेगूसराय के कन्हैया कुमार भी जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कौन हैं जेएनयू छात्र संघ के नए अध्यक्ष नीतीश कुमार&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नीतीश कुमार बिहार के अररिया जिले के भरगामा प्रखंड के शेखपुरा गांव के निवासी हैं। उनके पिता प्रदीप यादव किसान हैं। नीतीश ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर एक बार फिर प्रतिष्ठित सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अररिया जिले का परचम बुलंद किया है। आइसा और डीएसएफ गठबंधन से चुनाव लड़े नीतीश ने एबीवीपी की शिखा स्वराज को 272 वोटों के अंतर से हराया। नीतीश को 1702 वोट मिले&comma;जबकि शिखा को 1430 वोट प्राप्त हुए। बता दें कि नीतीश कुमार शेखपुरा गांव के किसान प्रदीप यादव के बेटे हैं। 26 वर्षीय नीतीश की मां पूनम देवी गृहणी हैं। पिता प्रदीप यादव ने बताया कि 1999 में जन्मे नीतीश ने दसवीं की पढ़ाई फारबिसगंज के सरस्वती शिशु मंदिर से की है। 12वीं की पढ़ाई पूर्णिया कॉलेज से और स्नातक की पढ़ाई काशी हिंदू विश्वविद्यालय &lpar;बीएचयू&rpar; से की। बीएचयू के बाद नीतीश जेएनयू गए और वहां पहले राजनीति विज्ञान में एमए किया और अब पॉलिटिकल साइंस में हीं पीएचडी कर रहे हैं। नीतीश की दो बड़ी बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। नीतीश के जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष बनने पर शेखपुरा में हर्ष का माहौल है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सरकारी खजाने से कैंपस का फंड खींचकर लाएंगे&colon; नीतीश कुमार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चुनाव जीतने के बाद नीतीश कुमार ने कैंपस की फंड कटौती का सवाल उठाते हुए कहा कि अब सरकारी खजाने से कैंपस का फंड खींचकर लाया जाएगा। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष के तौर पर अपने एजेंडा को रखते हुए नीतीश ने कहा है कि जेएनयू की गरिमा को बहाल किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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