खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू, पहला अ‌र्घ्य कल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&lpar;रॉबिन राज&comma; न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व को लेकर तमाम श्रद्धालुओं में जबर्दस्त का उत्साह देखा जा रहा है&period; सोमवार को नहाय-खाय के सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुरू हो गया है&period; खरना को व्रतियों के आत्मिक और शारीरिक शुद्धीकरण के रूप में देखा जाता है&period; मंगलवार को तमाम छठ व्रतियों ने पूरे दिन उपवास रहकर संध्या में खरना पूजन किया&period; व्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ कर दिया&period; छठ पूजा के दूसरे दिन खरना का प्रसाद बनाने के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>छठ व्रतियों ने विभिन्न गंगा से पवित्र जल लाकर खरना का महाप्रसाद बनाया&period; दोपहर में व्रतियों ने पूरी शुद्धता व पवित्रता के भाव से इस प्रसाद को तैयार किया&period; प्रसाद के रूप में कहीं खीर&comma; रसिया बनी तो कई जगहों पर अरवा चावल व चना दाल का प्रसाद बना&period; संध्या में महिलाओं ने स्नान करने के बाद भगवान का पूजन किया&period; इसके बाद सभी तरह के प्रसाद को भगवान को भोग लगाकर व्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया&period; इस दौरान घर की महिलाओं ने छठि मईया के पारंपरिक गीत गाए&period; व्रतियों के खरना प्रसाद ग्रहण करने के बाद तमाम परिवार के लोगों ने प्रसाद खाए&period; वहीं श्रद्धालुओं ने पूजा स्थल पर मत्था टेका और प्रसाद के रूप में खीर और रोटी ग्रहण क़िया&period; खरना का प्रसाद खाने के लिए हर जगह से श्रद्धालु देर शाम तक व्रतियों के घर पहुंचकर खरना का प्रसाद खाते देखे गए&period; बता दें कि बुधवार शाम को व्रती और श्रद्धालु छठ घाटों में पहुंचकर पहला अ‌र्घ्य देंगे&comma; जबकि गुरुवार सुबह दूसरे अ‌र्घ्य के साथ सूर्योपासना का यह महापर्व संपन्न हो जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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