कूड़े के ढेर पर मिली नवजात बच्ची, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जहां एक ओर समाज में बेटियो को देवी&comma; लक्ष्मी&comma; दुर्गा और सरस्वती के रूप में पूजा जाता है&comma; वहीं दूसरी ओर मथनीतल के पास दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। शनिवार की दोपहर एक नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर पर लावारिस हालत में पाया गया। बच्ची गंभीर रूप से घायल थी&comma; जिसे जानवरों ने नोच-नोचकर जख्मी कर दिया था। राहगीरों ने बच्ची की कराहने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचा&comma; लेकिन उसकी हालत देख उनकी आंखें भर आईं। बच्ची का बायां पैर बुरी तरह से जख्मी था&comma; जिससे खून की धार बह रही थी। शरीर के अन्य हिस्सों से भी खून रिस रहा था&comma; और ठंड में बिना कपड़ों के उसकी स्थिति बेहद दयनीय थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बाइपास थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को आनन-फानन में एनएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह घटना समाज के दोहरे मानदंडों पर सवाल खड़े करती है। एक ओर बेटियों को घर की लक्ष्मी कहा जाता है&comma; वहीं दूसरी ओर इस मासूम को कूड़े के ढेर पर मरने के लिए छोड़ दिया गया। अब यह बच्ची&comma; जो कल अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकती थी&comma; आज जीवनभर के संघर्ष और वैशाखी के सहारे जीने को मजबूर हो गई है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बच्ची को यहां फेंकने वालों का पता लगाया जा सके।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

बिहार : कृषि विकास को गति देने के लिए शेखपुरा डीएम गंभीर, टास्क फोर्स बैठक में दिए कई निर्देश

बिहार : सहयोग कार्यक्रम से 30 दिन में होगा समस्याओं का समाधान : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना वीमेंस कॉलेज में वित्तीय साक्षरता एवं सेबी निवेशक जागरूकता पर छात्र विकास कार्यक्रम आयोजित